सामूहिक दुष्कर्म में दो भाइयों समेत तीन को 25 वर्ष की कैद
दोषियों पर अदालत ने 60-60 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
क्रॉसर
साक्ष्यों के अभाव में दो आरोपी बरी किए गए
जुर्माने से एक लाख रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। लूटपाट, अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपियों को कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार दिया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम सुशील कुुमार खरवार की अदालत ने दोषियों को 25-25 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 60-60 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। साक्ष्यों के अभाव में दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है।
राठ निवासी पिता ने नौ फरवरी 2017 को थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि आठ फरवरी की रात करीब 12 बजे परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे। पठनऊ मोहल्ला निवासी उबैद पठान ने साथियों के साथ असलहों से लैस होकर घर की कुंडी खटकाई। 20 वर्षीय पुत्री ने दरवाजा खोला। उबैद ने तमंचे के बल पर उसे चुप करा दिया।
उबैद और उसके साथी अलमारी से गहने व 90 हजार रुपये लूटनेे के साथ बेटी को भी उठा ले गए। गाड़ी की आवाज सुनकर पिता की नींद खुल गई। उसने खिड़की से उबैद, किंजुल कमर हक व इरशाद और उनके साथियों को बेटी को ले जाते देखा।
पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ घर में घुसकर लूटपाट, युवती के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचक ने छह मई 2017 को आरोपपत्र कोर्ट में पेश किया था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश तिवारी और चंद्रप्रकाश गोस्वामी ने बताया कि अदालत ने सगे भाइयों उबैद उल हक उर्फ उबैद पठान, किंजुल कमर हक के अलावा इमरान को सजा सुनाई है। साक्ष्यों के अभाव में आरोपी इरफान व कमरुल हक को दोषमुक्त दिया।
जुर्माने की राशि मेें एक लाख रुपये पीड़िता को देने का आदेश कोर्ट ने दिया है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।