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डॉक्टर न स्टाफ, कैसे मिले स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ

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चंडौत गांव का बंद पड़ा अस्पताल। - फोटो : HAMIRPUR
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सरीला। चंडौत गांव में बना स्वास्थ्य केंद्र यहां के लोगों को बीमारी पर मुंह चिढ़ाता है। इस गांव के अलावा दूरदराज से आए मरीज बिना इलाज के लौट रहे हैं। चंडौत निवासी जगत सिंह ने बताया कि लगातार तीन दिनों से इलाज को जा रहे हैं, लेकिन अस्पताल में ताला लटकता मिलता है। लाखों रुपये की लागत से बने इस स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर आता है न कोई कर्मचारी। ग्रामीणों ने कहा पीएचसी स्थापित होने पर उम्मीद जगी थी कि बेहतर इलाज होगा, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। ऐसे अस्पताल का होना, न होना बराबर है। देखरेख के अभाव में अस्पताल के गेट और जंगले तक उखड़ गए हैं। चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा है। परिसर के चारों ओर झाड़ी उग आई है। सीएचसी प्रभारी डा.आरपी वर्मा का कहना है कि स्टाफ न होने की सूचना अधिकारियों को दे दी गई है। जब तक कोई डाक्टर नहीं है, एक फार्मासिस्ट की अस्थायी ड्यूटी लगाई गई है। (संवाद)
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