संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। पुलिस विभाग में कांस्टेबल पद पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। आवेदन करने को युवा आय जाति व निवास प्रमाणपत्र बनवाने में जुटे है। जिसे लेकर तहसीलों में प्रतिदिन दो से ढाई हजार आवेदन आ रहे है। वहीं साइट स्लो चलने व तहसील कर्मियों की सुस्ती के कारण प्रमाण पत्र बनने में देरी हो रही है। ऐसे में युवा अपने आवेदनों की स्थिति जानने को तहसीलों के चक्कर काट रहे है।
प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में कांस्टेबल भर्ती निकाली है। वहीं सात जनवरी से पुलिस विभाग में दारोगा व कंप्यूटर ऑपरेटर पदों पर भी आवेदन लिए जाने है। इसे लेकर युवा अपने आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाने में जुटे है। इसके चलते तहसीलों में प्रतिदिन दो से ढाई हजार आवेदन पहुंच रहे है, लेकिन तहसील कर्मियों की सुस्ती के चलते इन्हें लेखपालों को देर से फारवर्ड किया जा रहा है। वहीं साइट धीमी चलने से लेखपालों की रिपोर्ट लगने में देरी हो रही है। ऐसे में प्रमाणपत्र पाने को लेकर भर्ती की तैयारी कर रहे युवा परेशान है।
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पुलिस विभाग की साइट भी स्लो होने का डर
फोटो 04 एचएएमपी 19 विश्वास द्विवेदी।संवाद
- मुख्यालय के सुभाष बाजार निवासी विश्वास द्विवेदी ने बताया कि उसने 31 दिसंबर को निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। अब तक आवेदन लेखपाल को फारवर्ड नहीं हुआ। ऐसे में कब लेखपाल की रिपोर्ट लगेगी और कब प्रमाण पत्र मिलेगा। बताया कि 16 जनवरी लास्ट डेट है। भर्ती का आवेदन करने वाली साइट स्लो होने की आशंका है।
फोटो 04 एचएएमपी 20 अनिल कुमार। संवाद
4 दिन बाद भी नहीं हुए फारवर्ड
- मुख्यालय के नौबस्ता निवासी अनिल कुमार ने बताया कि वह पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे है। आवेदन करने के लिए 31 दिसंबर को आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था जो अब तक लेखपाल की रिपोर्ट लगने के लिए वहां नहीं पहुंचे। ऐसे में प्रमाणपत्र बनने में देरी हो रही है। अंतिम तिथि निकट होने से चिंता हो रही है।
देर रात तक जारी रहता है काम
- सदर तहसील में आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र का पटल देख रहे शिवदत्त अवस्थी ने बताया कि प्रतिदिन दो से ढाई हजार आवेदन आ रहे है। एक ही काउंटर से खतौनी व प्रमाण पत्र जारी किए जाते है। जिन्हें पूरा करने को देर रात तक काम जारी रखना पड़ता है ताकि समय से आवेदन फारवर्ड किए जा सकें।
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साइट में आ रहा इरर
- ई-डिस्टि्रक मैनेजर चक्रेश ने बताया कि साइट में इरर आने के चलते जिले में किए गए आय जाति व निवास प्रमाण पत्रों के आवेदनों की जानकारी नहीं हो पा रही और न लंबित होने का पता चल पा रहा है।