भरुआ सुमेरपुर। हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए सिंचाई विभाग की बंधी में हुए कब्जे को ढहाने की प्रशासनिक गतिविधियां शुरू होते ही भवन मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है। लोग नापजोख करके इस बात का आंकलन करने लगे हैं कि उनका आशियाना बचेगा अथवा नहीं।
जनहित याचिका को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने गत वर्ष जिला प्रशासन को कस्बे की सिंचाई विभाग की बंधी पर हुए अतिक्रमण को ढहाने के आदेश दिए थे। तब तत्कालीन जिलाधिकारी डा. चंद्रभूषण त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी रमेश चंद्र तिवारी,तत्कालीन एसडीएम सदर संजय कुमार मीणा ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल करके छह माह के अंदर अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया था। लेकिन प्रशासन अपने ही वादे को भूल गया और छह माह की अवधि गुजर जाने के बाद बंधी में हुए अतिक्रमण को नहीं हटाया।
अब जनहित याचिका दाखिल करने वाले ने 5 सितंबर को प्रशासन को पत्र भेजकर 15 दिवस में उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन कराने की मांग की है। याचिका कर्ता का पत्र मिलते ही प्रशासन अतिक्रमण ढहाने का ताना-बाना बुनने लगा है ताकि हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना से बचा जा सके। प्रशासन की कवायद को देखकर भवन मालिकों की धुकधुकी बढ़ गई है। लिहाजा ज्यादातर लोग बांदा मार्ग से बंधी की दूरी आदि की नापजोख में जुट गए हैं। अधिकारी पहले ही कह चुके हैं कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराया जाएगा।