भरुआसुमेरपुर। करीब 11 माह पूर्व सदर एसडीएम व सदर सीओ की छापे में पकड़े गए सरकारी राशन के मामले में नया मोड़ आ गया है। विवेचना में चावल की खरीद के कागजात फर्जी पाए जाने पर पुलिस ने धोखाधड़ी, साजिश रचने आदि गंभीर धाराओं की बढ़ोत्तरी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
बता दें कि थानाक्षेत्र में पिछले वर्ष 16 सितंबर को तत्कालीन एसडीएम रविंद्र कुमार सिंह व सीओ रवि प्रकाश सिंह ने उद्योग नगरी की एक मिल में छापा मारकर राशन की कालाबाजारी करते भारी मात्रा में चावल पकड़ा था। जिसका मामला जिला पूर्ति अधिकारी की तहरीर पर 18 सितंबर 2022 को थाने में दर्ज किया गया था। जिला पूर्ति अधिकारी ब्रजेश शुक्ला ने कस्बा निवासी शिवप्रकाश उर्फ सोनू गुप्ता, उमाकांत उर्फ बाबा गुप्ता, प्रांशु गुप्ता, रिजवान उर्फ गुड्डू खान, दुर्गेश शिवहरे को नामजद कराया था। जबकि मौके से प्रांशु गुप्ता व रिजवान को गिरफ्तार किया गया था। वहीं आरोपी सोनू गुप्ता व बाबा गुप्ता गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्च न्यायालय से स्टे ले आए थे। और पकड़े गए चावल को खुद का चावल बताकर जांच में बिहार प्रांत से लाए गए खरीद के प्रपत्र दाखिल किए थे। जांच अधिकारी प्रपत्रों की सत्यता परखने के लिए बिहार गए और फर्म मालिक से चावल आपूर्ति की तस्दीक कराई। लेकिन फर्म मालिक ने प्रपत्रों को ही फर्जी करार दे दिया। वहीं उच्च न्यायालय का स्थगन आदेश की अवधि समाप्त होने पर रविवार को मामले में नामजद शिवप्रकाश उर्फ सोनू गुप्ता, उमाकांत उर्फ बाबा गुप्ता, रिजवान उर्फ गुड्डू खान व प्रांशु गुप्ता को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। वहीं विवेचना के दौरान दुर्गेश शिवहरे को पुलिस ने क्लीनचिट दी है। थानाध्यक्ष रामआसरे सरोज ने बताया कि मुकदमे में धाराएं बढ़ने पर चारों आरोपियों की गिरफ्तारी की गई हैं।