मौदहा। यौमे पैदाइश सरकारें दोआलम पैगम्बर साहब के जश्न बारावफात को मनाने की तैयारी कस्बा सहित पूरे क्षेत्र में तेज हैं। कस्बे में एक दर्जन से अधिक स्थानों व मस्जिदों को सजाने का सिलसिला शुरू है। वहीं बाजार में बारह वफात के झंडों की दुकानों में खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है।आगामी गुरुवार 28 सितंबर सुबह चार बजे हुजूर के पैदाइश का जश्न मनेगा। सुबह नौ से दस बजे के बीच इलाही तालाब सैयद बाबा के स्थान से इद्दू पहलवान आदि का बड़ा झंड का जुलूस निकलेगा। इस वर्ष कंस वध व गणेश विसर्जन के चलते बाईकें नाम मात्र होंगी। यह जुलूस दो बजे तक बाजार और मालिकुआ होते हुए अपने गंतव्य की ओर पहुंचेगा। वहीं दिन के ढाई बजे बड़ी जामा मस्जिद नेशनल चौराहा से कदीमी जुलूस नात पाक पढ़ते हुए निकाला जाएगा। जो कस्बे का भ्रमण करते हुए देर शाम उसी स्थान पर पहुंचकर समाप्त होगा। घरों में लगाने को बाजार में छोटी हरी झंडी व झंडो की बिक्री हो रही है।