हमीरपुर। बच्चों पर निमोनिया ने हमला बोल दिया है। नमोनिया से पीड़ित 16 बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिन में तेज धूप, सुबह और शाम को सर्दी से बच्चे बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
दिन में तेज धूप में लोगों को गर्मी का अहसास होने लगा है। इससे बचने के लिए लोगों ने घरों में पंखे चलाने शुरू कर दिए हैं। रात में पड़ रही हल्की सर्दी के बीच भी लोग मच्छरों से बचने के लिए पंखों का उपयोग कर रहे है। तापमान में उतार चढ़ाव के चलते बीमारियां लोगों को चपेट में ले रहीं हैं। जिला अस्पताल में अधिकांश रोगी खांंसी व जुकाम के आ रहे है। इनमें सबसेे अधिक संख्या बच्चों की है।
मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष निरंजन ने 120 बच्चों का परीक्षण किया गया। इनमें अधिकांश खांसी व जुकाम से पीड़ित मिले। वहीं 16 बच्चे निमोनिया से पीड़ित मिले। इन्हें भर्ती कराया गया है।
इन बच्चों का चल रहा इलाज
रामपुर का नौ माह के हर्ष, सुमेरपुर का दो वर्षीय आदित्य, कालपी चौराहा निवासी पांच वर्षीय ओम, खालेपुरा का छह माह का आराफ, मौदहा का पांच माह का डग्गू, पौथिया का एक माह का अमन, रमेडी का आठ माह का आयंस , स्वासा का एक वर्षीय आनवी और दो माह की मंजू व बंगरा सरीला का दस माह के आदित्य को चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया गया है।
ऐसे करें बचाव
डॉ. आशुतोष निरंजन के अनुसार बदल रहे मौसम में बच्चों के बचाव की जरूरत है। इसके लिए अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को फ्रिज में रखी चीजें व आइसक्रीम का प्रयोग न करने दें। मच्छरदानी का प्रयोग करें। पंखे या एसी का प्रयोग अभी न करें। सुबह व शाम हल्के गर्म कपड़े पहनाएं। खांसी व जुकाम होने पर चिकित्सक के परामर्श अनुसार दवा दें।