संवाद न्यूज एजेंसी
मौदहा (हमीरपुर)। पाटनपुर माइनर ओवरफ्लो हो जाने से किसानों की करीब 100 बीघे फसल जलमग्न हो गई है। जिससे खेत तालाब नजर आ रहे हैं। मटर, चना, सरसों की फसलें बर्बाद होने से किसानों की उम्मीदें टूट रही हैं।
मौदहा बांध से निकली पाटनपुर माइनर एक बार फिर से किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। एक माह पूर्व भी नहर में अधिक पानी आने से किसानों की बोई फसलें बर्बाद हो गई थी। जिसपर किसानों ने दोबारा फसलों की बोआई की थी। वहीं बीते दिन फिर माइनर ओवरफ्लो हो जाने से उन्हीं किसानों की करीब 100 बीघे की फसलें जलमग्न हो गई हैं।
जिससे किसानों का भारी नुकसान हुआ है। गांव निवासी किसान अजीत सिंह ने बताया कि एक माह पूर्व नहर में अधिक पानी आने से उनकी बोई फसलें बर्बाद हो गई थी। जिसमें 10 किसानों की करीब 100 बीघे फसलें बर्बाद हुई थी। किसी तरह फिर से बोआई कराई। जिनसे अच्छी पैदावार की उम्मीद थी। जिनमें फिर से पानी भर गया। बताया कि उसकी छह बीघे की मटर की फसल नष्ट हो गई। इसी प्रकार झल्लन सिंह, बीरभान सिंह, महेंद्र पाल आदि किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। किसानों ने शासन प्रशासन से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। मौदहा बांध के सहायक अभियंता यशवीर सिंह ने बताया कि नहर ओवरफ्लो नहीं हुई है।
बताया कि इन किसानों के खेतों में नहर का पानी सीधे नहीं जाता। कहा कि नहर का पानी सिंचाई विभाग महोबा के तहत जो नाला बंधे का पानी निकालता है। वही नाला गांव के कचरे से जाम है। जिससे नाला ओवरफ्लो हो जाने से खेतों में पानी भर गया है। इसके लिए लगातार वार्ता की जा रही है। कहा कि संबंधित विभाग से संपर्क कर समस्या समाधान कराया जाएगा।