हमीरपुर। 26 वर्ष पहले भूमि के पट्टे मिले, लेकिन कब्जा नहीं मिला। पट्टाधरकों ने अधिकारियों से शिकायत की और अगस्त में धरने पर भी बैठे। एडीएम ने 15 दिन में निस्तारण का आश्वासन दिया था। पट्टा धारकों ने इंतजार किया, एडीएम वादा भूल गए तो वे फिर कलक्ट्रेट में आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।
सुमेरपुर ब्लॉक के देवगांव के राममिलन, अलखराम, रामजीवन, शिवमिलन, बबलू, रामनरेश और उदयभान ने बताया कि वर्ष 1996 में भूमि के पट्टे दिए गए थे। भूमि पर आज तक जमीन पर कब्जा नहीं मिला। इसके लिए कई बार अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिए गए और आमरण अनशन भी किया। तीन अगस्त को भी आमरण अनशन शुरू किया था। छह अगस्त को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने 15 दिन में पट्टे की भूमि पर कब्जा दिलाने का आश्वासन दिया था। आश्वासन के 25 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे कलक्ट्रेट के गोल चबूतरे पर फिर अनशन शुरू कर दिया है। एडीएम रमेश चंद्र ने बताया कि जिस भूमि पर पट्टे दिए गए थे, उसका वाद मेरे ही न्यायालय में विचाराधीन है। तहसीलदार से भूमि की रिपोर्ट मांगी गई है। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।