हमीरपुर। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों को ई पॉस मशीन के माध्यम से पुष्टाहार का वितरण किया जाएगा। इस व्यवस्था से पुष्टाहार कम मिलने और न मिलने की शिकायतों पर अंकुश लगेगा। जिले में 99 फीसदी लाभार्थियों का डाटा आधार प्रमाणीकरण हो चुका है। अब जल्द ही विभाग ई पॉस मशीनों की खरीद कर लाभार्थियों के ब्योरे को इनमें दर्ज कराएगा। ई-पॉस मशीन के माध्यम से पुष्टाहार के वितरण पर निगरानी रखी जा सकेगी।शासन ने पारदर्शिता लाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर ई-पॉस मशीन के माध्यम से पुष्टाहार का वितरण किए जाने के निर्देश जारी किए हैं। ई-पॉस मशीन की खरीद करने के लिए कार्यदायी संस्था को भी नामित कर दिया गया है। जिले में 1500 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन केंद्रों पर 1.24 लाख लाभार्थियों को पुष्टाहार का वितरण किया जाता है।
जिले में सात माह से तीन साल के बच्चे के लिए एक किलो दाल, एक पैकेट खाद्य तेल, एक किलो दलिया दिया जाता है। गर्भवती धात्री के लिए एक किलो दाल, डेढ़ किलो दलिया और एक पैकेट खाद्य तेल दिया जाता है। तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को आधा किलो दाल व आधा किलो दलिया प्रतिमाह दिया जाता है। अब इन लाभार्थियों को आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से ही पुष्टाहार का वितरण किया जाएगा।
ई-पॉस मशीन से पुष्टाहार वितरण होने से इसकी निगरानी करने में मदद मिलेगी। लाभार्थियाें की कम राशन मिलने व राशन प्राप्त न होने की शिकायतें दूर होंगी। प्रत्येक लाभार्थी को आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से ही पुष्टाहार का वितरण होगा। शासन की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन कराया जाएगा।
- शैलेंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी डीपीओ