हमीरपुर। बज्रपात से होने वाली हानि को कम करने के लिए सभी शासकीय भवनों में तड़ित चालक यंत्र लगाए जाएंगे। शासन से प्राप्त आदेशों के क्रम जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को इसके लिए निर्देशित किया है। इसके अलावा इसे लगवाने के लिए नए भवनों के तैयार होने वाले डीपीआर में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
खराब मौसम के चलते होने वाले बज्रपात से अक्सर भवनों के क्षतिग्रस्त होने के साथ जनहानि के मामले सामने आते है। जिसे शासन ने गंभीरता से लेते हुए इस आपदा से होने वाली क्षति को कम करने के लिए तड़ित चालक यंत्र सभी शासकीय भवनों में लगवाने के आदेश दिए है। अपर मुख्य सचिव सुधीर गर्ग ने जिलाधिकारी को पत्र भेज आपदा प्रबंधन व आपदा जोखिम को कम करने वाले तथ्यों को सभी विभागों की कार्य योजना में शामिल करने को कहा। इसके साथ ग्राम पंचायत स्तर, ब्लॉक व जनपद स्तर पर विभिन्न विभागों द्वारा निर्मित व निर्माणाधीन भवनों में तड़ित चालक लगवाने का प्रस्ताव दिया है। जिसके क्रम में जिलाधिकारी डा. चंद्रभूषण त्रिपाठी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी कर सभी शासकीय भवनों में तड़ित चालक यंत्र लगवाने व नए भवनों के डीपीआर में इसे अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए है।
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इन विभागों को भेजा गया पत्र
- तड़ित चालक लगवाने के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा प्रभागीय वनाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, प्रभारी अधिकारी नजारत (कलक्ट्रेट), प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय/ मंडी समिति, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला अग्निशमन अधिकारी, सभी उप जिलाधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, डीआईओएस व बीएसए, उप कृषि निदेशक, अधिशाषी अभियंता विद्युत विभाग, मौदहा बांध, जल संस्थान, जल निगम (शहरी व ग्रामीण), लघुडाल नहर, नलकूप, पीडब्ल्यूडी, एआरएम रोडवेज, एआरटीओ को भेजा है।
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एक साल में हुई 16 जनहानि
आपदा विशेषज्ञ प्रियेश रंजन मालवीय ने बताया कि एक वर्ष में बज्रपात से 16 जनहानि हुई है। वहीं छोटे बड़े 36 पशुओं की मौत हुई है। हालांकि जिले में भवनों के क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट शून्य है।