कुलपहाड़/बेलाताल। जिले में संत शिरोमणि रविदास की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान जगह-जगह शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शोभायात्रा में झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। ढोल-नगाड़ों की धुन पर युवा व युवतियां अबीर-गुलाल उड़ाते चलतीं रहीं।
कस्बा कुलपहाड़ के रविदास मंदिर से शुरु हुुई शोभायात्रा बस स्टैंड, मुख्य बाजार, राजावार्ड, किशोरगंज, सतियनपुरा, पुरानी तहसील होते हुए गुजरी। इस मौके पर आयोजित गोष्ठी में बलवीर यादव ने संत रविदास को महान समाज सुधारक बताया। कहा कि उन्होंने अपनी भक्ति से दूसरों को प्रेरणा दी। समिति के अध्यक्ष महेंद्र अहिरवार ने कहा कि संत रविदास ने छुआछूत, ऊंचनीच के खिलाफ अभियान चलाकर समाज को एक नई दिखा दी। इस मौके पर शीतल प्रसाद, बाबूलाल अहिरवार, परशुराम, राकेश, जयप्रकाश, काशीप्रसाद आदि मौजूद रहे।
बेलाताल संवाद के अनुसार रविदास जयंती पर कस्बे में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में विभिन्न झांकियां व अश्वनृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। गोष्ठी में सेवानिवृत्त शिक्षक सुखलाल ने कहा कि संत रविदास ने सबकों मिल-जुलकर रहने का उद्देश्य दिया है। ग्राम प्रधान छोटेलाल ने कहा कि रविदास स्वयं भक्तिपूर्ण भजनों की रचना करते थे और उन्हें भाव-विभोर होकर सुनते थे। उनका विश्वास था कि राम, कृष्ण, रहीम, राघव सब एक ही परमेश्वर के विविध नाम है। इस मौके पर ओमप्रकाश वर्मा, हीरालाल, जगत सिंह, मौला बक्स, भूपेंद्र आदि मौजूद रहे।
जयंती पर पेश किए भजन।
खरेला। संत रविदास जयंती पर कस्बे के रविदास मंदिर में कबीरी भजन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें कबीरपंथी देवीदीन ने कहत कबीर सुनो भाई साधु सुनाया। एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर ने कहा कि संत रविदास के आदर्शों से समतामूलक समाज की स्थापना हुई। डॉ. लल्लू व किशोरीलाल ने भी कबीर के भजन पेश किए। इस मौके पर पुजारीदास, रामस्वरूप, नंदराम, दयाशंकर आदि मौजूद रहे।