हमीरपुर। आपसी विवाद में साले के पारिवारिक जीजा व भांजे के द्वारा गोली मारकर हत्या के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया।
जनपद न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने जीजा व भांजे काे दोषी मान आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 22-22 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माने की आधी धनराशि मृतक की पत्नी को दिलाने के आदेश दिए हैं।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि बिवांर थानाक्षेत्र के भुगैचा गांव निवासी ममता ने थाने में दी तहरीर में बताया कि चार मई 2011 को परिवार में तेरहवीं कार्यक्रम था। उसके पति श्रीचंद्र के पारिवारिक जीजा चुन्नू निवासी गौरीकलां थाना जसपुरा जनपद बांदा व पारिवारिक भांजा राकेश निवासी कुसमरा थाना कुरारा शामिल होने आए थे। चार मई को उसके पति का किसी बात को लेकर चुन्नू से विवाद हो गया। जिस पर चुन्नू ने जान-माल की धमकी दी। उसने रात 11 बजे पारिवारिक भांजे राकेश को घर भेजा, जिसने घर आकर पानी पीया और शौच जाने की बात कही।
श्रीचंद्र उसे शौच कराने गांव के बाहर ले गए। तभी गांव की तरफ से पहुंचे चुन्नू ने उन्हें जगभान के दरवाजे पर गोली मार दी। गोली व श्रीचंद्र के चिल्लाने की आवाज सुन व अपने जेठ व जेठानी के साथ टॉर्च लेकर मौके पर पहुंचीं। तब देखा कि चुन्नू व राकेश हाथ में तमंचा लिए भाग रहे थे। वहीं, श्रीचंद्र ने उनके सामने तड़पकर दम तोड़ दिया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर चार्जशीट न्यायालय में पेश की। सुनवाई करते हुए जनपद न्यायाधीश ने दोनों को हत्या का दोषी मान उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 22-22 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की आधी धनराशि मृतक की पत्नी वादिया ममता को दिलाने के आदेश दिए हैं।
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मामले में पुलिस ने गैरइरादतन हत्या व आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट न्यायालय में पेश की। पुलिस ने दोनों के आपस में गुत्तथम गुत्था होने की बात दर्शा गोली चलने से श्रीचंद्र की मौत होना दर्शाया। वहीं, साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने इसे हत्या में तरमीम किया।