संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। लॉक डाउन में गैर प्रांतों से आए प्रवासी मजदूरों को यहां काम के लाले पड़े हैं। ग्राम प्रधान भी प्रवासियों का कोई काम नहीं दे रहे हैं। जिससे मजदूर परेशान हैं।
मंगलवार को कुतुबपुर ग्राम प्रधान के खिलाफ बड़ी संख्या में बम्हनपुर के प्रवासियों ने कलक्ट्रेट में आकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। गांव के बृजेश, महेंद्र सिंह, रोहित कुमार, राजेश, रामजीवन, शिव प्रसाद, रामदास, चरन सिंह, पुत्तू आदि मजदूरों ने अखिल भारतीय अर्कवंशी क्षत्रिय महासभा के तत्वावधान में कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन करते हुए बताया कि लॉक डाउन के दौरान बाहर से गांव लौटकर आए। लेकिन यहां भी कोई काम नहीं मिल रहा है। बताया कि मनरेगा में ग्राम प्रधान से काम मांगा तो उसने गांव की राजनीति के चलते मजदूरी कराने से साफ मना कर दिया। बताया कि ब्रम्हनपुर-कुतुबपुर के पास चकरोड के निर्माण में काम करने के लिए सचिव से काम मांगा तो उसने सभी को काम दिया। लेकिन जानकारी होते ही ग्राम प्रधान ने काम रुकवा दिया। जिससे मजदूर घर बैठ गए। प्रवासियों ने आरोप लगाया कि दस दिनों तक मजदूरी चकरोड के निर्माण में कराई गई। लेकिन अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। इससे परिवार भुखमरी के कगार पर आ गए हैं। प्रवासियों ने जिलाधिकारी से इस मामले की शिकायत कर जांच कराने की मांग की। वहीं क्षेत्र के खंडविकास अधिकारी राम सिंह अहिरवार ने बताया कि ब्रम्हनपुर-कुतुबपुर के बीच चकरोड के निर्माण के लिए गांव में मुनादी कराई गई थी कि जो प्रवासी काम करना चाहें तो यहां काम करें। मजदूरों को मजदूरी का भुगतान भी आनलाइन खाते में करने की भी व्यवस्था की गई है। गांव पहुंचकर समस्या का समाधान कराया गया है। लेकिन कुछ लोग इसमें राजनीति कर रहे हैं। फिर भी सचिव और प्रधान से बात की जाएगी।
फोटो 09 एचएएमपी 01 डीएम को ज्ञापन देने जाते ब्रम्हनपुर गांव के प्रवासी मजदूर।