भरुआ सुमेरपुर। पिछले कई दिनों से बारिश न होने के कारण धान सहित खरीफ की अन्य फसलों पर संकट मंडराने लगा है। खरीफ में बोई गई तिल, मूंगफली, बाजरा, ज्वार की फसलें नष्ट हो सकती हैं। पिछले एक पखवाड़े से क्षेत्र में बारिश न होने से खरीफ की फसलों का जीवन संकट में पड़ गया है। नहरों व नलकूपों के ठप होने से समस्या और ज्यादा गंभीर हो गई है। पानी के अभाव में धान की फसल खराब होने की कगार पर है। महज दस घंटे नलकूपों को बिजली आपूर्ति होने से किसान समय पर धान की फसल को पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे है। नलकूपों की आपूर्ति का नियम बदलने से किसानों ने इस वर्ष धान का रकबा घटा दिया है। टेढा के किसान सौरभ सिंह,रामकिशोर सिंह,गोपी श्याम द्विवेदी,पंधरी के नवीन सिंह पारा रैपुरा के राकेश शर्मा, पचखुरा बुजुर्ग के शिव सिंह आदि का कहना कि 10 घंटे की विद्युत आपूर्ति से धान की फसल ज्यादा एरिया में करना संभव नहीं है। किसानों का मानना है कि अगर दो-चार दिन बारिश नहीं होती है तो खरीफ की अन्य फसलें भी सूख सकती हैं। (संवाद)