मौदहा (हमीरपुर)। सिसोलर थानाक्षेत्र के छानी गांव के किसान भूरा ने संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि साहब मैं जिंदा हूं, मेरा नाम भूरा है। चकबंदी में मेरी भूमि दूसरे के नाम दर्ज कर दी गई लेकिन रिकार्ड में अभी वह मृत ही दर्ज है। डीएम डॉ.चंद्रभूषण त्रिपाठी ने सहायक चकबंदी अधिकारी व तहसीलदार को जांचकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मौदहा तहसील में 81 शिकायतों में चार का निस्तारण हो सका। कम्हरिया गांव निवासी किसान दीवान अहमद आदि किसानों ने शिकायत की महरका व पाटनपुर मौजे में उनके खेतों में पानी भरा है, पानी निकासी कराए जाने की मांग की।
अधिवक्ता संघ के तहसील अध्यक्ष उमेश नामदेव सहित अन्य अब्दुल कुद्दुस, वसी अहमद, महमूद रजा आदि अधिवक्ताओं ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में जमीनों के मूल्यांकन सूची में भारी वृद्धि की गई है और बिना आपत्ति व सुनवाई के गलत ढंग से मूल्यांकन कर इस सूची को अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने बढ़ी हुई दरों पर रोक लगाते हुए आपत्ति व सुनवाई का मौका दिया जाए। डीएम ने अपर जिलाधिकारी राजस्व को इस पर विचार करने के लिए लिखा। अन्ना गोवंश की शिकायत पर जिलाधिकारी ने डीपीआरओ सहित बीडीओ व संबंधित को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि चार अक्तूबर के बाद अन्ना मवेशी यदि सड़कों पर दिखाई दिया तो संबंधित ग्राम प्रधान व सचिव पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए उन्होंने सीडीओ के नेतृत्व में एक समिति बनाने के भी निर्देश दिए।
राठ संवाद के अनुसार सीडीओ मथुरा प्रसाद मिश्रा ने शिकायतें सुनीं। 75 में 9 शिकायतों का मौके पर समाधान हुआ। रौरो गांव के फूलसिंह ने सहकारी समिति पथनौड़ी के सचिव पर उनके नाम से 32630 रुपये ऋण निकालने का आरोप लगाया। कहा नवीनीकरण के बहाने उनकी चेकबुक व पासबुक जमा करा ली थी। टोला गांव के जमुना ने कोटेदार के पुत्र पर अंत्योदय राशनकार्ड निरस्त कराने का आरोप लगाया। लिधौरा गांव के नलकूप संचालक रामू ने एक साल से मानदेय न मिलने की शिकायत की। जगह का मुआवजा भी नहीं दिया गया।
सरीला संवाद के अनुसार अपर जिलाधिकारी रमेशचंद्र ने शिकायतें सुनीं। बंडवा गांव के रामस्वरूप,बडेरा माफ गांव के आजाद,चतुर सिंह,भैंसाय गांव के हरचरन ने प्रधानमंत्री आवास के संबंध में शिकायत की है।