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हमीरपुर : जिले में 9276 कुपोषित बच्चे पर, पोषण माह में 11 ही एनआरसी पहुंचे

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हमीरपुर। अति कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने में लापरवाही बरती जा रही है। छह महीने में केवल 82 ऐसे बच्चों को ही एनआरसी में भर्ती कराया गया। आंकड़ों से स्पष्ट है कि आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आरबीएसके, एमओआईसी बच्चों को एनआरसी तक पहुंचाने में लापरवाही बरत रहे हैं।
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बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए पोषण आहार से लेकर इलाज तक मुफ्त दिया जा रहा है, इसके बावजूद जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या कम नहीं हो रही है। पिछले कई सर्वे में 7,967 बच्चे अति कुपोषित और 1309 बच्चे कुपोषित मिले हैं।
अतिकुपोषित बच्चों के इलाज के लिए एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) तक बनाया गया है। किंतु अभिभावकों की अनदेखी, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आरबीएसके, एमओआईसी की लापरवाही से छह माह में 82 बच्चे का एनआरसी में इलाज कराया जा सका। सितंबर में चलाए गए पोषण माह में भी केवल 11 बच्चे ही एनआरसी में भर्ती कराया गया।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सितंबर माह में बच्चों को एनआरसी तक पहुंचाने में स्थिति खराब रही है। आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि बच्चों को एनआरसी तक पहुंचाएं।
इनसेट
एनआरसी केंद्र पर मिलती हैं ये सुविधाएं
10 बेड के पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चे को भोजन, फूड सप्लीमेंट नि:शुल्क दिया जाता है। इसके साथ ही उसका इलाज भी होता है। माता को प्रतिदिन 50 रुपये मिलते हैं। अति कुपोषित बच्चे को 14 दिन तक भर्ती करने की व्यवस्था है। डिस्चार्ज होने के बाद चार बार बच्चे की मॉनीटरिंग भी की जाती है। किसी तरह की समस्या होने पर आगे की प्रक्रिया अमल में लाई जाती है।
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भर्ती हुए बच्चों का आंकड़ा
माह बच्चे
अप्रैल 09
मई 20
जून 20
जुलाई 20
अगस्त 12
सितंबर 11
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