हमीरपुर। मलेरिया विभाग घरों में जलजमाव मिलने पर डेंगू लार्वा का हवाला देकर 38 लोगों को धारा 188 के तहत नोटिस भी दिए जा चुके हैं। सरकारी भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर जलभराव, गंदगी पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिला अस्पताल की छत पर ही जलभराव के साथ बड़ी-बड़ी घास उगी है। ऐसी ही जगहों पर डेंगू का लार्वा पनपता है।
जिला अस्पताल की छत पर टंकी रखी है। इसमें पानी भरते समय पूरी छत में फैलता है। छत में काफी पानी भरा है। गंदगी के साथ घास भी उग आई है। इसके अलावा तीमारदारों के प्रतीक्षालय में भी गंदगी रहती है।
ऐसी लापरवाही तब सामने आई जब संयुक्त निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ.अभय सिंह जिला अस्पताल के निरीक्षण के लिए आए थे। उन्होंने लैब, ऑक्सीजन प्लांट और डेंगू वार्ड देखा। कहीं भी उन्हें कमी नहीं मिली। व्यवस्थाओं पर संतोष जताकर वह चले गए। वह कुरारा और सुमेरपुर पीएचसी भी गए।
सीएमओ डॉ. राम औतार ने कहा कि उन्हें जलजमाव की जानकारी नहीं है। मलेरिया विभाग के अधिकारी को भेजकर जांच कराएंगे। अगर जमा पानी में लार्वा पाया जाता है कि महामारी अधिनियम के तहत सीएमएस को नोटिस दिया जाएगा
इनसेट
डेंगू के चार और मरीज मिले
सीएमएस डॉ.केके गुप्ता ने बताया कि जिला अस्पताल में प्रतिदिन 30 से 35 बुखार के मरीजों की डेंगू की जांच की जा रही है। इसमें तीन से चार मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है। सोमवार को भी चार मरीज मिले। खड़ेहीजार के सदाबाई (35), योगेंद कुमार(29), भरुआ सुमेरपुर के दीपक शर्मा (38) और इंगोहटा के नरेंद कुमार (27) डेंगू पॉजिटिव मिले। इस समय जिला अस्पताल डेंगू के 14 मरीज भर्ती हैं। अभी तक 57 मरीजों मिल चुके हैं।