भरुआसुमेरपुर (हमीरपुर)। फैक्टरी एरिया की जिस मिल में गेहूं, चावल पकड़ा गया था, उसके मालिक ने खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव से मामले की सीबीसीआईडी से जांच कराने की मांग की है।
मिल मालिक चांदथोक निवासी उमाकांत उर्फ बाबा गुप्ता ने पत्र में बताया कि मेसर्स बाबा इंटर प्राइजेज का संचालन प्लॉट नंबर 25 में करते हैं। गल्ले के कारोबार का जीएसटी और इनकम टैक्स देते आ रहे हैं।
16 सितंबर को माताजी का उपचार कराने कानपुर गए थे। देर रात में एसडीएम सदर एवं सीओ सदर ने मिल में छापा मारकर गेहूं चावल से लदी गाड़ियों को पकड़ लिया। सरकारी खाद्यान्न साबित करने के लिए साजिशन मिल के पीछे से एक बोरी सरकारी चना तथा एक बोरी सरकारी नमक बरामद दिखाकर लकड़ी व्यापारी प्रांशु गुप्ता, राहगीर गुड्डू खान पर मुकदमा दर्ज करा दिया।
गल्ला व्यापारी का दावा है कि उसने अगस्त माह में बांदा के दलाल रामू के माध्यम से ओम साईं ट्रेडर्स नवादा (बिहार) से 1000 बोरी चावल मंगाया था। इसके अभिलेख उसके पास मौजूद हैं। गल्ला व्यापारी का आरोप है कि प्रशासन ने उसके विरोधियों के इशारे पर इस फर्जी कार्रवाई को अंजाम दिलाया है। लिहाजा इस प्रकरण की सीबीसीआईडी जांच कराकर न्याय दिलाया जाए।
थानाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जिला पूर्ति विभाग की तहरीर पर कस्बा निवासी सोनू गुप्ता, उमाकांत उर्फ बाबा गुप्ता, दुर्गेश शिवहरे, प्रांशु गुप्ता, गुड्डू खान के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की कालाबाजारी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा कायम है। विवेचना की जा रही है। पूर्ति विभाग साक्ष्य मुहैया करा रहा है।