भरुआ सुमेरपुर। रबी की फसलों की बुवाई के सीजन में कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों की सहकारी समितियों से डीएपी खाद न होने से किसान परेशान हैं। किसान खुले बाजार से महंगे दामों में डीएपी खरीदने को मजबूर हैं।
रबी की फसलों में दलहन एवं तिलहन की बुवाई लगभग पूर्ण होने की कगार पर है, लेकिन गेहूं की बुवाई अभी बाकी है। पलेवा के बाद खेत गेहूं बुवाई के लिए तैयार होने लगे हैं। अब किसानों को बुवाई के लिए डीएपी खाद की दरकार है। ऐसे में सहकारी समितियों से खाद गायब है। ब्लाॅक में 10 सहकारी समितियां संचालित हैं। जिनसे किसानों को खाद और बीज मुहैया कराया जाता है।
मौजूदा समय में सभी समितियों में डीएपी खाद नहीं है। किसान मजबूर होकर खुले बाजार से महंगे दामों में खाद खरीद रहे हैं। पीसीएफ किसान सेवा केंद्र में डीएपी खाद लेने आए किसान रामदास, रामेश्वर, कमल सिंह, सुखराम, दयाराम, सुरेश कुमार, देवीदीन, रामऔतार ने बताया कि तीन दिन से डीएपी खाद के लिए सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं। कहीं से खाद नहीं मिल रही है। पीसीएफ किसान सेवा केंद्र प्रभारी शिव सिंह ने बताया कि बुधवार को डीएपी की रैक लगने की संभावना है। रैक लगने के बाद खाद आएगी।