भरुआ सुमेरपुर। सुप्रीम कोर्ट की फटकार का असर पटाखा बाजार में दिखने लगा है। तेज आवाज के साथ प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों की जगह ग्रीन क्रैकर्स पटाखे बाजार में आए हैं। इनसे कम प्रदूषण फैलता है और यह ज्वलनशील भी नहीं होते हैं।
दिवाली पर पटाखे का कारोबार करने वाले जावेद खान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर पटाखा बाजार में है। बाजार में ग्रीन क्रैकर्स पटाखे की धूम है। इनमें पॉप-पॉप, माचिस, चटर-पटर, छुर्गा, फुलझड़ी, अनार आदि पटाखे शामिल है। तेज आवाज के साथ प्रदूषण उत्पन्न करने वाले पटाखे बाजार से गायब हैं।
वर्ष पर्यंत कारोबार करने वाले राजकुमार उर्फ रामू गुप्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदूषण उत्पन्न करने वाले चीनी पटाखे बाजार से गायब हैं। देशी कंपनियों के प्रदूषण रहित आइटम ही बाजार में बिक रहे हैं। सबसे ज्यादा मांग भी देशी कंपनियों के पटाखे की दिवाली पर्व में होती है। पर्व में लोगों को तेज आवाज के साथ प्रदूषण उत्पन्न करने वाले पटाखों से परहेज रहता है।