क्षतिग्रस्त यमुना पुल पर शुक्रवार दोपहर से आवागमन शुरू हो जाएगा। हालांकि पुल की मरम्मत का काम अभी जारी है, लेकिन क्षतिग्रस्त कोठी के एक हिस्से की स्लैब पक जाने की वजह से बनाया गया ओवरब्रिज हटा दिया गया है। निर्माण इकाई पीएनसी के इंजीनियरों का कहना है कि ऊपर से गिट्टी, मौरंग व अन्य वस्तुओं से लदे ट्रक, डंपर व कंटेनरों को गुजरने दिया जाएगा, लेकिन ओवरलोडिंग वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा।
मालूम हो कि 19 जून को यमुना पुल की स्लैब धंस गई थी। जिसका निर्माण पीएनसी के इंजीनियरों ने करीब 12 दिन में पूरा कर एक जुलाई से वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी थी। मगर पुल करीब 24 घंटे ही चल सका।
दो जुलाई को पुल की दूसरी कोठी की स्लैब व बीम फिर दगा दे गई। तब पुल के ऊपर से भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्णत: रोक लगा दी गई थी। हालांकि निर्माण इकाई ने क्षतिग्रस्त हिस्से के ऊपर ओवरब्रिज बनाकर हल्के वाहनों की आवाजाही बरकरार रखी थी, इससे आम जनमानस को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
मरम्मत कार्य के दौरान यमुना पुल की और बीमों के क्रेक होने का मामला सामने आया, जिस पर पीएनसी ने मरम्मत कार्य किया। निर्माण इकाई पीएनसी के इंजीनियरों की मानें तो उनका स्पष्ट कहना है कि इस पुल के ऊपर से ओवरलोड वाहनों को निकालना खतरे से खाली नहीं है।
इसी के चलते पुल पर साइन बोर्ड भी लगाया गया है। शुक्रवार की दोपहर 2 बजे से सभी वाहनों के लिए पुल के ऊपर से यातायात बहाल कर दिया जाएगा।
अवर अभियंता, पीएनसी मनीष सिंह ने कहा कि पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य पूरा करने के साथ-साथ बनाए गए ओवरब्रिज को भी हटा लिया गया है। साथ ही पुल के दो हिस्सों में मरम्मत कार्य भी होता रहेगा। पुल के ऊपर से अंडरलोड वाहन ही निकले तो ज्यादा बेहतर रहेगा। इसके लिए प्रशासन से सहयोग मांगा गया है।