बिवांर कांड को लेकर भाजपा का धरना सातवें दिन भी जारी रहा। कानपुर और
चित्रकूट मंडल के नेताओं ने प्रदेश सरकार व प्रशासन को जमकर खरी-खोटी
सुनाई। साथ ही पीड़ित परिवार को 25-25 लाख रुपये मुआवजा व एक व्यक्ति को
नौकरी देने की मांग दोहराई गई।
25 जुलाई को बिवांर कस्बे में छेड़खानी
से आहत होने पर छात्रा आत्मदाह कांड और बवाल पर पुलिस फायरिंग में युवक की
मौत के बाद से कस्बे के हालात सामान्य नहीं हो रहे हैं। वहीं इस घटना से
राजनैतिक दलों में उबाल आ गया।
भाजपा ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के
लिए आगे आई और प्रशासन द्वारा मांगे न पूरी किए जाने पर उसी रात अनिश्चित
कालीन धरने की शुरूआत कर दी।
रविवार को चित्रकूट मंडल के पदाधिकारी व
कानपुर जनपद के पदाधिकारियों ने धरने में शामिल होकर इस संघर्ष में और जान
डाल दी। धरने का नेतृत्व करते हुए प्रभारी शिवप्रकाश सिंह सेंगर व पूर्व
जिलाध्यक्ष जयकरन सिंह ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल
जाता है।
तब तक धरना दिन प्रतिदिन बढ़ता रहेगा। सोती हुई सरकार को जब तक
आक्रोशित जनता जगा नहीं देगी। तब तक चैन से नहीं बैठेगी। क्षेत्रीय
उपाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था
पूरी तरह से फेल है।
अल्पसंख्यक मोर्चा के बुंदेलखंड अध्यक्ष मुनीर खान ने
कहा कि सपा सरकार मुसलमानों की बड़ी हितैषी बनती है। लेकिन इस बिवांर घटना
में चार मुस्लिम लोगों को जेल भेजने का काम किया है। साथ ही एक मुस्लिम का
पुलिस की गोली लगने के बावजूद इलाज नहीं कराया जा रहा है।
जिलाध्यक्ष संत
विलास शिवहरे ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि हमारे सब्र की परीक्षा न ली
जाए। अगर जरूरत पड़ी तो इसे सड़क पर उतरकर जवाब दिया जाएगा।
इस मौके पर
महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री रंजना उपाध्याय, प्रदेश मंत्री आशारानी,
बाबूराम निषाद, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय पांडेय, महेंद्र सिंह, सुशील गुप्ता,
रोहित सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। संचालन गणेश यादव व
कुलदीप निषाद ने किया।