शादी समारोह में शामिल होने आए अधेड़ की अज्ञात वाहन से कुचलकर मौत हो गई। रविवार को परिजनों ने मुआवजे की मांग कर शव थाने के सामने राठ मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे चले जाम लगा रहा फिर थानाध्यक्ष के समझाने पर परिजन माने।
शनिवार को ललपुरा गांव निवासी भगवानदीन अहिरवार की पुत्री की शादी थी। जिसमें भगवानदीन के बेटे का ममिया ससुर बरदानी (43) पुत्र महादेव निवासी चमरखन्ना थाना बिवांर शामिल में शामिल होने आया था।
रात करीब 11 बजे बरदानी अन्य रिश्तेदारों के साथ राठ मार्ग पर स्थित शराब के ठेके पर गया। फिर गर्मी लगने पर वह सड़क किनारे टहलने लगा। इसी बीच रात के अंधेरे में उसे किसी अज्ञात वाहन ने कुचल दिया।
सड़क पर लहूलुहान पड़े बरदानी को राहगीरों ने देखा और शराबी के पड़े होने का अंदेशा जता गुजरते रहे। किसी से सूचना पाकर थाना पुलिस पहुंची तो पाया कि अधेड़ के धड़ के ऊपर से वाहन का टायर गुजर गया है और उसकी मौत हो चुकी है।
पुलिस ने भगवानदीन को बुलाया तो उसनेपहचान की और उसने पुलिस से शादी कार्यक्रम में किसी प्रकार का खलल न पड़े इसलिए शव सुरक्षित स्थान में रखवाने को कहा। जिस पर पुलिस ने शव थाने के बाहर रखवा दिया।
सूचना मिलने पर सुबह बरदानी का भाई संतराम, पत्नी गोमती व बेटी जूली सहित अन्य परिजन आ गए। इन लोगों ने करीब 11:30 बजे शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। संतराम ने कहा कि उसकी भतीजी जूली की शादी 11 जून को है।
बारात गोहानी गांव से आनी है। इंतजाम के लिए उन्हें पांच लाख रुपये नगद मुआवजा दिलाया जाए। जाम स्थल पर पहुंचे थानाध्यक्ष अजीत यादव ने पीड़ित पक्ष को काफी देर तक समझाया। कि यह प्रशासनिक प्रक्रि या है।
तुरंत मुआवजा नहीं मिल सकता, वह इसके लिए प्रयास करेंगे। फिलहाल काफी समझाने बुझाने के बाद परिजन मान गए। थानाध्यक्ष ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।