खरीफ फ सल के तीन दिवसीय किसान प्रशिक्षण के समापन
पर किसानों को प्रमाणित बीजों के इस्तेमाल की सलाह दी गई। कहा कि तिल,
उड़द, अरहर, ज्वार जैसी फ सलों की बुआई कर अधिक उत्पादन लें।
वेदिका
गेस्ट हाउस में समर्थ फाउंडेशन ने एक्शन एड के सहयोग से तीन दिवसीय खरीफ
फसल पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के अध्यक्ष
हबीब खान ने कहा कि किसान खरीफ फसल में अपने बीजों कर उपयोग कर उत्पादन को
प्रोसेसिंग कर बाजार में लाएं, ताकि उनको बाजार में सही मूल्य मिल सके ।
उन्होंने
लोगों को बीज बैंक बनाने की सलाह दी। कृ षि सलाहकार रामसनेही साहू ने कहा
कि किसानों को अपनी फसलों में जरूरत भर पानी देना चाहिए। बताया कि खरीफ की
बुआई का समय चल रहा है। तिल आदि की बुआई तुरंत कर देनी चाहिए। साथ ही कहा
कि बीजों को शोधन कर बोएं।
देवेंद्र गांधी ने कहा कि पांच गांवों
के 50 किसानों के साथ कार्य किया जा रहा है। किसानों को जैविक तरीके से
खेती खरीफ की फसल में अधिक से अधिक तिल के बीज बोने के लिए प्रोत्साहित
किया जा रहा है। कहा कि समर्थ फाउंडेशन चयनित किसानों को तिल के बीज सहित
अन्य बीजों को प्रदान कर रहा है।
इन चयनित किसानों के खेतों में
प्रर्दशन कर विकसित करते हुए क म लागत में अधिक उत्पादन और कृषि स्थायित्व
के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस मौके पर सुमेरपुर व कुरारा के पांच
गांवों के 23 महिला और 25 पुरुष किसानों ने प्रतिभाग किया।