रविवार को केें द्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति समर्थकों के साथ
करीब 11 बजे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचीं। वहां मौजूद एएसपी आदित्य प्रकाश
वर्मा से घटना की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को जमकर
फटकार लगाई। इसके बाद ही पुलिस मृत छात्रा के माता पिता को हिरासत से मुक्त
किया। उन्हें छात्रा का शव यमुना में फेंकने व परिजनों को बंधक बनाए रखने
की जानकारी हुई तो उनका पारा चढ़ गया।
करीब दो घंटे इंतजार के बाद डीएम व
एसपी जब पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचे तो उन्होंने कमिश्नर कल्पना अवस्थी
से शिकायत की। तब थोड़ी ही देर में दोनों अधिकारी पहुंच गए।
केंद्रीय
मंत्री ने दोनों अधिकारियों को उनकी कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। मृतका
के पिता व उसने परिजनों का मेडिकल कराने के साथ ही मारपीट करने वाले पुलिस
कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने की बात कही।
वहीं पुलिस की गोली
से मरे युवक के मामले में पुलिस कर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने का
निर्देश दिया। केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने जिलाधिकारी से
तीन सवाल किए।
लेकिन डीएम उनके सवालों का कोई जवाब नही दे सक ीं, उन्होंने
पूछा कि दंगाइयों पर पुलिस पहले आंसू गैस का प्रयोग करती है, फिर वाटर
कैनन, फिर रबर की गोलियों चलाई जाती हैं।
लेकिन इस घटना में सीधे फायरिंग
के आदेश किसने दिए। इसका भी जवाब जिलाधिकारी नहीं दे सकी। इस मौके पर भाजपा
नेता राजीव शुक्ला, बाबूराम निषाद, सरस्वती शरण द्विवेदी, जिलाध्यक्ष संत
विलास शिवहरे, जगदीश व्यास, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के बुंदेलखंड अध्यक्ष
एम खान, लक्ष्मीरतन साहू सहित तमाम भाजपाई मौजूद रहे।