थाना सिसोलर के बैजमऊ गांव में करीब तीन वर्ष पूर्व मकान की दीवार बनाने के विवाद में हुई हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायालय कोर्ट-दो के न्यायाधीश अब्दुल जमील ने अभियुक्त बनाए गए दो भाइयों और भतीजे को दोषी पाया है और उन्हें दस वर्ष के कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई है। हत्याकांड में शामिल चौथे आरोपी की मौत हो चुकी है।
न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता शैलेश स्वरूप चौरसिया ने बताया कि सिसोलर थानाक्षेत्र के बैजेमऊ गांव निवासी बिंदा धोबी आदि बीते आठ जून 2013 को अपने मकान की दीवार बनवा रहे थे। दीवार बनाते समय पड़ोसी बरदानी पुत्र शिवप्रसाद की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई।
जिस पर बरदानी ने विरोध किया, तो आरोपी बिंदा धोबी ने अपने भाई किशोरी लाल और भतीजे सिपाही लाल व राजन के साथ मिलकर बरदानी के ऊपर लाठी-डंडो से हमला बोल दिया। तभी बीचबचाव करने आए बरदानी के भतीजे प्रेमनारायण को भी अभियुक्तों ने लाठियों से जमकर पीटा और घायल कर दिया।
गंभीर रूप से घायल प्रेमनारायण की इलाज दौरान नौ जून 2013 को जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में बिंदा धोबी, किशोरी लाल, सिपाही लाल व राजन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
सोमवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी बिंदा धोबी, उसके भाई किशोरी लाल व उसके भतीजे राजन को दोषी पाया। उन्हें दस-दस साल के कारावास व प्रत्येक को दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि चौथे आरोपी सिपाही लाल की मौत हो चुकी है।