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कोई बेटी के ब्याह को परेशान, किसी को कर्ज की चिंता

Tue, 17 Mar 2015 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
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बेमौसम बरसात से फसलों की बर्बादी का मंजर देखकर किसानों का दिल बैठा जा रहा है। यहां हर गरीब, मजदूर और किसान के चेहरे से हंसी गायब है। भारी बारिश से कई मकान ध्वस्त हो चुके हैं। खाने पीने की चिंता के अलावा रहने की चिंता पर भारी है इन गरीबों को बेटी के ब्याह और कर्ज की चिंता। सालभर का खर्च कैसे चलेगा सो अलग से।
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बिवांर के किसान कल्लन सिंह ने बताया कि उसने अपनी भतीजी की शादी फरवरी माह में कर्ज लेकर की है। फसल बर्बाद होने से अब उसे कर्ज चुकाने की चिंता सताने लगी है। जल्ला निवासी रामप्रकाश कुशवाहा ने बताया कि उसकी पुत्री की शादी 7 मई को है।

उसे आशा थी कि फसल अच्छी होने पर वह धूमधाम से पुत्री की शादी करेगा, लेकिन फसल नष्ट होने से अब उसे शादी की चिंता सताने लगी है। बिवांर निवासी रामखिलावन की पुत्री की शादी 27 अप्रैल को होनी है। उसकी भी तैयारियों में ब्रेक लग गया। अब किसानों को अपने परिवार के भरण पोषण की समस्या सताने लगी है।
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बारिश व आंधी से लाही, मसूर, चना, मटर की फसलें जमींदोज हो गई हैं। वहीं गेहूं व जौ की फसलें तेज आंधी से धराशाई हो गई हैं। बारिश का पानी खेतों में भर जाने से फसलें सड़ने की कगार पर पहुंच गई हैं। हजारों हेक्टेयर भूमि पर तैयार खड़ी फसलें जलमग्न हैं।

भेड़ी गांव के किसान भवानीदीन ने बताया कि उसने 12 बीघे में जौ, लाही व गेहूं की फसल बोई है। बारिश व आंधी से उसकी पूरी फसल चौपट हो चुकी हैं। कुछ खेत बटाई के भी लिए थे। वह भी पूरी तरह से नष्ट हो चुका है। किसान कल्लू सिंह मुखिया, अशोक सिंह, राधेश्याम शर्मा, अरुण द्विवेदी आदि ने बताया कि उनकी पूरी तरह से फसलें चौपट हो गई हैं।

वहीं बारिश से कई मकान ध्वस्त हो गए। जलालपुर निवासी मूलचंद्र का मकान ध्वस्त हो गया। नीचे बंधी बकरियां मर गई। इसी प्रकार आशीष सिंह, भूरेलाल अहिरवार के मकान भी ध्वस्त हो गए। वहीं रणविजय सिंह के आंगन से निकली हाईटेंशन की लाइन का खंभा टूट जाने से लाइन उसके आंगन में जा गिरी। बिजली न होने से एक बड़ा हादसा टल गया।
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