हाइवे किनारे वन विभाग पौधरोपण कार्य कराने में जुटा है। पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड बनवाए जा रहे हैं। लेकिन इन गार्डों के बनवाने में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। जिससे इनके ध्वस्त होने की संभावना बढ़ गई है। ऐसे में लगाए जाने वाले पौधों के तैयार की संभावना कम हो गई हैं।
कानपुर सागर हाइवे-86 का निर्माण होने पर वृक्षों को काट डाला गया। मौजूदा समय में हाइवे पर कहीं भी पेड़ नहीं दिख रहे हैं। जिसकी भरपाई के लिए अब वन विभाग नए सिरे से सड़क किनारे पौधरोपण कराएगा।
पौधरोपण कु छेछा से लेकर मौदहा तक किया जा रहा है। जिसमें कुछ क्षेत्र सुमेरपुर रेंज व कुछ मौदहा रेंज में आ रहा है और दोनों क्षेत्राधिकारियों के निगरानी में वृक्षों की सुरक्षा के लिए विभाग द्वार्रा इंटों के ट्री गार्ड तैयार किए जा रहे हैं।
इसके लिए विभाग ने द्वितीय श्रेणी के ईंटों के टेंडर सप्लाई की विज्ञप्ति निकाली थी। जिसके तहत ठेकेदार्र इंटों की आपूर्ति कर रहे हैं, लेकिन द्वितीय श्रेणी की बजाए थर्ड क्लास व टूटे फूर्टे इंटे विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से हाइवे किनारे डाली जा रही है। साथ ही ट्री गार्ड निर्माण में सीमेंट और मौरंग का भी मानक अनुरूप मिश्रण नहीं हो रहा है।
जिससे इन ट्री गार्डों के जल्द ध्वस्त होने की संभावना बन गई है। फिलहाल पौधरोपण का अभियान फ्लाप होने की संभावनाएं प्रबल हैं। इस मामले में वन क्षेत्राधिकारी एके चौधरी ने बताया कि ठेकेदार द्वारा मानक अनुरूप कार्य कराया जा रहा है। अगर कहीं अनियमितता मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।