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गैंगरेप में तीन को दस साल की कैद

Sat, 05 Nov 2016 12:01 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, हमीरपुर
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डेमो पिक - फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
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करीब 11 साल पूर्व एक विवाहिता युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट संतोष कुमार श्रीवास्तव की अदालत में हुई। अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपियाें को दस वर्ष के सश्रम कारावास व 11-11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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सामूहिक दुष्कर्म के मामले की पैरवी कर रहे सहायक शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार यादव ने बताया कि 15 सितंबर 2005 को 11 बजे जरिया थाना क्षेत्र के एक गांव में विवाहिता के साथ गांव के ही तीन लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। जिसकी रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने जरिया थाने में दर्ज कराई थी। उसने तहरीर में बताया था कि उसकी बेटी घर की छत में खाना बना रही थी।

तभी गांव के अज्जू उर्फ जीतेंद्र, नारेंद्र व विनय बगल के मकान से उसकी छत में पहुंच गए और उसकी बेटी को जबरन पकड़ कर ऊपरी मंजिल में बने कमरे में ले गए और उसका मुंह दबाकर तीनों ने दुष्कर्म किया। जैसे ही उसका मुंह खुला जो वह चिल्लाई जिसकी आवाज सुनकर उसकी मां मौके पर पहुंच गई। जिसे देखकर आरोपी धमकी देते हुए भाग खड़े हुए।
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मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट संतोष कुमार श्रीवास्तव ने तीनों को दस दस वर्ष का कारावास व 11-11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। उधर, अपर सत्र न्यायाधीश राधेश्याम यादव की अदालत में बाइक चोरी के मामले में अभियुक्त को पांच वर्ष के कारावास व 19 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।

सहायक शासकीय अधिवक्ता राकेश यादव ने बताया कि बीते एक अगस्त 2015 को रात करीब नौ बजे कुरारा कस्बा निवासी सुनील कुमार अपनी पत्नी को प्रसव के लिए सदर अस्पताल लेकर आया था। जहां वह अपनी हीरो होंडा सीडी डीलक्स बाइक अस्पताल के बाहर खड़ी कर अंदर चला गया। जब लौटकर वापस आया तो बाइक वहां नहीं थी।

जिस पर उसने सदर कोतवाली में अज्ञात चोरों के खिलाफ चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। घटना के चार दिन बाद कोतवाली पुलिस ने नगर के बाहर सिटी फारेस्ट के पास चेकिंग करते कुरारा थानाक्षेत्र के रिठारी गांव निवासी नीरज बेडिया को बाइक सहित दबोच लिया। आरोपी बाइक बेचने की गरज से मुख्यालय आ रहा था। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश राधेश्याम यादव ने आरोपी को पांच वर्ष का सश्रम कारावास व 19 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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