मौदहा थानाक्षेत्र के अरतरा गांव में चार वर्ष पूर्व हुई युवक की हत्या के मामले में शुक्रवार को अपर सत्र अदालत में न्यायाधीश शैलोज चंद्रा ने पिता-पुत्र समेत तीन आरोपियों को दस साल की सजा सुनाई है। एक आरोपी की मुकदमे के दौरान ही मौत हो गई थी।
न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता अलताफ हुसैन और वादी के वकील प्रशांत किशोर सिंह ने बताया कि अरतरा गांव निवासी भुइयादीन 21 अक्तूबर 2011 की रात 10 बजे दोनों पुत्रों जसवंत और फूल सिंह के साथ खेत में पानी लगा रहा था। तभी गांव के ही मइयादीन अपने पुत्रों मलखान, राम सिंह और साथी परछा निवासी मुबीन के साथ वहां पहुंचा। इस दौरान जमीन के विवाद में दोनों पक्षों में झगड़ा होने लगा।
दूसरे पक्ष ने लाठी, डंडों और फरसे से भुइयादीन और उसके पुत्रों पर हमला कर दिया। तीनों घायलों को मौदहा सीएचसी में भर्ती कराया गया। घायल भुइयादीन ने थाने में सूचना दर्ज कराई। जसवंत की हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कालेज कानपुर ले जाया गया। जहां 24 नवंबर 2011 को उसकी मौत हो गई। न्यायाधीश ने 21 मार्च को निर्णय सुनाते हुए आरोपी मइयादीन, राम सिंह व मुबीन को शुक्रवार को कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे।
इनमें मुबीन ही न्यायालय में उपस्थित हुआ। जज ने तीनों अभियुक्तों को दस वर्ष कारवास और बीस-बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी मलखान की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी। अदालत में उपस्थित न होने पर मइयादीन और उसके पुत्र राम सिंह के नाम गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। थानाध्यक्ष मौदहा को निर्देश दिए गए हैं कि अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करें।