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लोगों ने बस स्टैंड पर लगाया जाम

Mon, 14 Nov 2016 07:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
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बसस्टैंड तिराहे के पास जाम लगाकर नारेबाजी करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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हमीरपुर। 90 वर्षीय वृद्धा के साथ एक युवक द्वारा बीते तीन दिन पूर्व हुए दुष्कर्म के मामले में मेडिकल परीक्षण करने वाली जिला अस्पताल की महिला चिकित्सक का रवैया मोहल्ले वालों का रास नहीं आ रहा है। सोमवार को मोहल्ले के लोग पीड़िता को हाथ ठेला में लिटाकर बसस्टैंड तिराहे लाए। जहां लोगों ने जाम लगाकर महिला चिकित्सक को निलंबित करने व चिकित्सक का पैनल बनाकर दोबारा मेडिकल परीक्षण कराने की मांग की। मौके पर पहुंचे एडीएम डा. राजेश कुमार प्रजापति ने लोगों की मांगों को मानते हुए उन्हें शांत कराया।
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मुख्यालय के एक मोहल्ला निवासी 90 वर्षीया वृद्धा बीते 11 नवंबर की रात अपने मकान के बाहर बने बरामदे में सो रही थी। तभी मोहल्ला निवासी आलोक निषाद उर्फ बाबू ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस पीड़िता की बहू की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भी भेज चुकी है। इधर पीड़िता के पुत्र ने बताया कि मेडिकल परीक्षण के समय जिला महिला अस्पताल की चिकित्सक आशा सचान द्वारा महिलाओं के साथ किए गए दुर्व्यवहार की निंदा की। आरोप लगाया कि चिकित्सक ने अपने कर्तव्यों का अनुपालन न करते हुए बिना इलाज किए हुए पीड़िता को ले जाने को कहा। साथ ही आरोप लगाया कि चिकित्सक ने आरोपी का पक्ष लेते हुए कहा कि वह लोग उसका भविष्य क्यों खराब करने में तुले हैें।

बताया कि रविवार को पीड़िता को पीड़ा होेने पर उसे 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया। उपचार तो किया मगर उसे भर्ती नहीं किया गया। चिकित्सक की लापरवाही के विरोध में सोमवार को पीड़िता के परिजनों व मोहल्ले के लोगों ने उसे हाथ ठेला में लिटाकर बसस्टैंड तिराहा लाए और मुख्य मार्ग में जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे एडीएम राजेश कुमार प्रजापति ने लोगों का समझाया। मगर जाम लगाए लोग चिकित्सक को निलंबित किए जाने व दोबारा पैनल के साथ मेडिकल परीक्षण करने की मांग पर अड़ गए। एडीएम ने सीएमओ व एसडीएम को भी मौके पर बुलाया और दोबारा मेडिकल परीक्षण कराने के आदेश दिए। एडीएम ने बताया कि उन्होंने सीएमओ को निर्देशित कर पैनल के साथ मेडिकल परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर सदर विधायक शिवचरन प्रजापति, कालूराम निषाद आदि  मौजूद रहे। इस मामले में डा. आशा सचान का कहना है कि उन्होंने सही मेडिकल किया है। सारे आरोप निराधार हैं।
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