बेमौसम अतिवृष्टि और ओलावृष्टि की मार से बर्बाद किसान अपनी किस्मत पर रो रहा है। खेतों में बची फ सलों को समेटने में जुटे किसानों पर फिर आफत गिर पड़ी। रविवार की देर रात हुई बारिश तथा सोमवार दोपहर बाद बारिश के साथ गिरे ओलों से किसानों को भारी क्षति हुई है।
बेमौसम बारिश तथा ओलावृष्टि के चलते किसानों की दलहनी फ सलें लगभग 80 प्रतिशत नष्ट हो चुकी हैं। वहीं गेहूं की फ सल को भी भारी क्षति पहुंची है। पिछले कुछ दिनों से मौसम साफ होने के साथ तेज धूप निकलने से किसान अपनी राई, चना, मसूर, अलसी आदि की बची खुची फसल समेटने में लगा था।
लेकिन कुदरत ने उनके अरमानों पर एक बार फिर पानी फेर दिया। रविवार की रात अचानक जोरदार बारिश हुई। वहीं सोमवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे क्षेत्र में तेज बारिश के साथ ही ओले भी पड़े। इसमें कछुआकला, खजुरी, परछा, पहरा, अमूंद, रिगवारा, भैंसाय, अमगांव, पतखुरी सहित अन्य गांवों में हल्की ओलावृष्टि हुई।
खजुरी निवासी कमल सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल खेतों में कटने को खड़ी है। बरसात और हल्की ओलावृष्टि होने से करीब 60 फीसदी नुकसान हुआ है। कहा, अब फसलों में सडांध पैदा हो जाएगी।
वहीं सरीला, जलालपुर, भेड़ी, धौहल, धगवां आदि गांव में बरसात होने से खेतों में कटी पड़ी फ सलों को भारी क्षति होने की आशंका है। बताया जाता है कि यदि जल्द ही मौसम साफ नहीं हुआ तो जो थोड़ी बहुत बची फसल भी किसान के हाथ से चली जाएगी।