एमपी में हुई जोरदार बारिश से सूखी पड़ी बेतवा नदी में जान आ गई है। लेकिन
सब्जी की बारी लगाए किसानों की जान सांसत में है। नदी की तलहटी में सब्जी
की बारियां डूबने लगीं है। वहीं नदी में ऊंचाई वाले क्षेत्र में सब्जी की
बारियां डूबने की कगार में होने से किसान सब्जी तोड़ने में कड़ी मेहनत कर
रहे हैं।
बारिश होने से बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ा है। मुख्यालय के निकट
सब्जी की खेती करने वाले मनफूल निषाद का कहना है कि जून माह में भी मौदहा
बांध का पानी छोड़े जाने से उसकी बारी भर गई थी। जिससे काफी नुकसान हो चुका
है।
इधर उसने खाद डालकर पौधों को जिंदा किया, लेकिन अब उसे अपना काम
समेटना पड़ेगा। किसान ने कहा कि इस बार सब्जी की बारी में कम लाभ हुआ है।
कहा कि जिन लोगों ने ऊंचाई पर सब्जी लगाई है वह सब्जी की तुड़ाई में जुटे
हैं। ताकि जलस्तर बढ़ने से पहले काम पूरा हो जाए। अनुमान है कि बेतवा नदी
की बारियां उजड़ने से सब्जी के भाव बढ़ जाएंगे। अब लोगों को कानपुर से आने
वाली सब्जी पर आश्रित रहना पड़ेगा।