खरीफ और रबी की बर्बाद फसलों से अभी किसान उबर नहीं
सका है। लेकिन समय से मानसून के न आने की सूचना मौसम विभाग ने देकर किसानों
की उलझन बढ़ा दी है। कृषि विभाग ने गोदामों में उपलब्ध होने का दावा तो
किया है। लेकिन अभी तक सर्वाधिक क्षेत्रफल में बोई जाने वाली ज्वार सहित
बाजरा व मूंग का बीज नहीं आया है। जो बीज आया है वह किसानों को मंहगे दामों
पर खरीदना पड़ेगा।
विकासखंड कार्यालय के निकट कृषि विभाग का बीज गोदाम
है। केंद्र प्रभारी शिवबदन सिंह ने बताया कि शेखर प्रजाति का तिल 7.5
क्विंटल आया है। वहीं 5.7 क्विंटल आरटी 346 प्रजाति का तिल बीज मिला है।
बीज का रेट 192 रुपये प्रति किलो है। आजाद प्रजाति 3 की उड़द 6 क्विंटल आई
है। इस बीज की दूसरी प्रजाति टीयू का 1 क्विंटल बीज आया है। जिसकी विभाग से
112 रुपये किलो की दर से बिक्री की जा रही है।
उन्होंने बताया कि उड़द
आधारी 1.20 क्विंटल बीज मिला है जिसका रेट 117.60 रुपये है। वही एसएमटू
प्रजाति क ा उड़द 1.92 क्विंटल आया है, जिसका रेट 128 रुपये प्रति किलो है।
पंत-12 प्रजाति का 90 किलो धान बीज आया है।
जिसका रेट 28 रुपया 60 पैसे
है। अरहर उपास प्रजाति का बीज 120.32 क्विंटल मौजूद है। जिसका रेट 93 रुपये
क्विंटल है। जबकि नरेंद्र प्रजाति एक क्विंटल अरहर मिली है इस बीज का
मूल्य निर्धारित नहीं हुआ है।
टैग प्रजाति की मूंगफली 4.20 क्विंटल आई है।
75 रुपये किलो पर बिक्री का रेट आया है। गोदाम प्रभारी ने बताया कि तिल बीज
में 80 रुपये प्रति किलो की छूट दी जा रही है। जबकि दलहन बीज में 25 रुपये
प्रति किलो अनुदान दिया जा रहा है। बताया कि यह अनुदान दस वर्ष के अंदर की
प्रजातियों पर दी गई है।
बताया कि खरीफ में बुआई का अच्छा समय जुलाई का
प्रथम सप्ताह सबसे अच्छा है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि किसान अभी
से खेतों की तैयारी कर छोड़ दें। बारिश होने के बाद मौका मिलते ही बोएं।
वहीं अन्य बीजों के आने के मामले में उन्होंने कहा कि ज्वार, बाजरा, मूंग व
सोयाबीन का बीज उपलब्ध नहीं है। इन बीजों की मांग की गई है।