कस्बे में शांति व्यवस्था की ड्यूटी में लगे संग्रह अमीन से सिपाही ने अभद्रता की और उन्हें पकड़कर थाने ले आया। थाने के हेड मोहर्रिर ने जब सिपाही के कृत्य पर नाराजगी जताई तो उससे भी सिपाही अभद्रता करने लगा। संतरी से संगीन छीनकर हेड मोहर्रिर पर हमला करने का प्रयास किया। पुलिस ने
सिपाही के नशे में होने पर डाक्टरी के लिए अस्पताल भेजा। लेकिन आरोपी के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।सोमवार को होली पर्व पर शांति व्यवस्था के लिए लगाए गए संग्रह अमीन राजा भइया प्रजापति अपने निजी कार्य से पशुबाजार के निकट घूम रहे थे। तभी मौदहा की ओर से पुलिस लाइन में
तैनात सिपाही प्राण सिंह की बाइक उनकी कार से टकरा गई। जिससे नाराज सिपाही ने संग्रह अमीन के साथ अभद्रता की और उसे पकड़कर थाने ले आया। जब हेड मोहर्रिर बचऊ सिंह ने मामले को समझने के बाद सिपाही की हरकत पर नाराजगी जताई तो सिपाही उनसे भी अभद्रता पर उतारू हो गया। मामला
यहां तक बढ़ा कि संतरी की ड्यूटी कर रहे होमगार्ड राजू यादव से संगीन छीनकर हेड मोहर्रिर पर हमला करने का असफल प्रयास किया। एसएसआई विनय कुमार सिंह ने नशे में धुत्त सिपाही को मेडिकल के लिए अस्पताल ले गए। नशा उतरने के बाद अमीन से सिपाही ने माफी मांग ली। तब कहीं जाकर मामला
रफा-दफा हुआ। बताते हैं कि आरोपी सिपाही जनपद उन्नाव का निवासी है और पुलिस लाइन में तैनात है। सोमवार को वह अपने साथियों से होली खेलने के बाद मौदहा से वापस आ रहा था। तभी यह घटना घटी। जिसकी कस्बे में जगह-जगह चर्चा हो रही हैं। थानाध्यक्ष आरके सिंह का कहना है कि सिपाही नशे में
उपद्रव कर रहा था जिसे मेडिकल के लिए भेजा गया। लेकिन पीएचसी में चिकित्सक के न होने से मेडिकल नहीं हो सका। इस पर सिपाही और संग्रह अमीन का राजीनामा करा दिया है।