सात फरवरी को पकड़े गए असलहा तस्कर पवन कुमार तिवारी ने पुलिस के सामने और राज खोले हैं। उसने बताया कि गिरोह मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में बैठा सरगना चलाता है। उसके साथ ही करीब आधा दर्जन और लोग इस धंधे से जुड़े हैं। पिछले माह की बात करें तो वह करीब दो दर्जन असलहों की बिक्री कर चुका है।
पकड़े गए पवन कुमार तिवारी ने पुलिस को बताया कि चुनाव में पुलिस द्वारा लाइसेंसी शस्त्रों को जमा करा लेने पर अवैध असलहों की मांग बढ़ जाती है। लोग सुरक्षा के लिहाज से इन्हें अपने पास रखते हैं। बता दें कि पवन ने पुलिस को कुछ लोगों के नाम भी बताए हैं, जिन्हें वह असलहा बेच चुका है। तस्कर ने जिन लोगों के नाम उजागर किए हैं, उनमें ज्यादातर राजनीतिक लोग हैं। तस्कर ने बताया कि वह बांदा, फतेहपुर, महोबा व चित्रकूट से असलहों की तस्करी करता था। लेकिन चुनाव के समय मांग बढ़ने पर वह यह खेप चंबल के बीहड़ों से झांसी होकर ला रहा था। लेकिन वह पकड़ा गया। इससे यह साबित होता है कि पुलिस ने भले ही लाइसेंसी शस्त्र जमा करा लिए हों, लेकिन गांव-गांव में अवैध तमंचे, असलहे भरपूर मात्रा में पहुंच चुके हैं।
अगर कहीं कुछ वारदात होती है, तो इन्हीं अवैध असलहाें का सहारा लिया जा सकता है। उधर, पुलिस ने तस्कर से असलहा खरीदने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिसके बाद उनमें हड़कंप मच गया है और पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए कुछ तो भूमिगत हो गए हैं। कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि गिरोह सालों से यहां काम कर रहा था। तस्कर ने जिन लोगों के नाम उजागर किए हैं, उनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।