कोतवाली क्षेत्र के हेलापुर मड़इयन गांव में चार वर्ष पूर्व हुई युवक की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायधीश कोर्ट नंबर तीन राधेश्याम यादव की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने हत्या में दोषी चाचा और उसके पुत्र को आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश यादव ने बताया कि हेलापुर मड़इयन गांव में छह सितंबर 2012 की दोपहर करीब दो बजे संपत्ति बंटवारे व बाबा की जमीन हड़पने को लेकर दयाशंकर ने अपने बेटे बलवीर और दो पुत्रियों के साथ मिलकर भतीजे सियाराम (35) की कुल्हाड़ी, सरिया व खुर्पी से हमलाकर हत्या कर दी थी।
जिस पर मृतक की मां विद्या देवी ने सदर कोतवाली में चाराें अभियुक्तों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि मुकदमा दौरान पुत्रियों के नाबालिग होने के कारण उनका मामला किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है।
वहीं अपर सत्र न्यायधीश कोर्ट नंबर तीन राधेश्याम यादव ने अधिवक्ताओं के तर्क व साक्षीगणाें के बयान पर हत्या के मामले में अभियुक्तों पर दोष सिद्ध पाया। बताया कि घटना में अभियुक्त दयाशंकर प्रारंभ से ही जेल में बंद रहा है। जबकि उसका बेटा बलवीर जमानत पर था। अदालत ने दो अभियुक्तों दयाशकंर व उसके बेटे बलवीर को आजीवन कारावास व 20-20 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।