मुंडेरा गांव में घटनास्थल पर जांच करती पुलिस।
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थानाक्षेत्र के मुंडेरा गांव में मंगलवार रात कर्ज में डूबे किसान ने घर के अंदर पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किसान पर कस्बे की एसबीआई शाखा सहित रिश्तेदारों व गांव के लोगों का करीब आठ लाख रुपये कर्ज था। बैंक के तगादे से परेशान किसान के यह कदम उठाया है। उसके परिवार में कोहराम मचा है।
पिछले तीन वर्षों से खेती में कुछ पैदा न होने से किसान के घर में खाने के लाले पड़े हैं। 22 बीघे जमीन का मालिक होने के बाद भी किसान अन्ना मवेशियों व सिंचाई के साधन न होने से इस वर्ष भी एक दाना अपने घर नहीं ला सका। मुंडेरा गांव निवासी शीतल बाबू यादव (44) के नाम साढ़े सात एकड़ तथा पत्नी राजकली के नाम तीन एकड़ जमीन है। इस जमीन पर खेती कर परिवार का भरण पोषण होता है। शीतल बाबू ने वर्ष 2012 में जनवरी माह में भारतीय स्टेट बैंक सुमेरपुर शाखा से 1,44500 रुपये का किसान कार्ड बनवाया था।
जबकि अगले महीने ही 2012 में पत्नी राजकली के नाम इसी बैंक से 60 हजार रुपये का केसीसी कार्ड बनवाया। लगातार फसलें बर्बाद होने के कारण वह कर्ज नहीं चुका सका और यह रकम बढ़कर करीब पांच लाख पहुंच गई। मृतक की पत्नी राजकली ने बताया कि कर्ज अदायगी के लिए बैंक से रोज फोन आता था। इसी से वह परेशान थे। बताया बैंक जल्द से जल्द बकाया जमा करने का दबाव बना रहा था। किसान के बड़े भाई रामबाबू, भाभी सोना यादव ने बताया कि बैंक के अलावा उसने डेढ़ लाख में जमीन गिरवी रखी थी।
करीब दो लाख रुपये रिश्तेदारों व गांव वालों से भी कर्ज लिए था। इसी कर्ज को चुकता करने के लिए वह परेशान रहता था। बताया जमीन परती पड़ जाने के बाद पिछले दो वर्षों से वह बड़े पुत्र मोहित यादव के साथ कानपुर में रहकर मेहनत मजदूरी करने लगा था। इसी से पत्नी व पांच बच्चों का भरण पोषण होता था। अभी कुछ दिन पूर्व ही वह पुत्र को कानपुर में छोड़कर गांव आया था। गांव आते ही तगादा शुरू हो गया। इससे वह बेहद परेशान था। मृतक की पत्नी ने बताया कि मंगलवार की रात वह खाना खाने के बाद आंगन में लेट गए। हल्की बूंदाबांदी होने से वह अंदर कमरे में सो गई। रात में कितने समय उसने फांसी लगाई वह जान नहीं सकी। सुबह जब उसने जाकर देखा तो आंगन में खड़े बेरी के पेड़ में रस्सी के सहारे लटकते पाया।
शोर शराबा सुनकर एकत्र लोगों ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामकिशोर यादव को खबर दी। इसके बाद घटना की सूचना प्रधान प्रतिनिधि ने थानाध्यक्ष गिरेंद्र पाल सिंह को दी। किसान की पत्नी राजकली पुत्र मोहित, छोटे, ज्ञानेंद्र व पुत्री प्रांसी व दिव्यांशी का रो रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना पाकर गांव पहुंचे लेखपाल ने रिपोर्ट तैयार कर उपजिलाधिकारी को भेजी है। एसडीएम सदर अजित परेश ने बताया मामला संज्ञान में आया है। लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई है। जांच कर कार्रवाई और किसान के परिवार की मदद की जाएगी।