बिदोखर मेंदनी गांव के एक किसान ने शुक्रवार रात कुएं में कूदकर जान दे दी। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिजनों का कहना है कि मृतक ने रिश्तेदारों व ग्रामीणों से एक लाख से अधिक का कर्ज ले रखा था। उनके तगादे से परेशान होकर ऐसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो गया।
थानाक्षेत्र के बिदोखर मेंदनी गांव निवासी जयराम पाल (35) के नाम दो बीघे जमीन है। इस जमीन के अलावा कुछ बटाई की खेती लेकर किसानी कर परिवार का भरण पोषण करता था। शुक्रवार की शाम वह घर वालों को बिना बताए ही सड़क किनारे निकल आया और छानी इंगोहटा मार्ग प बनी पुलिया में आकर बैठ गया। रात दस बजे तक घर न पहुंचने पर उसकी पत्नी सरोज पाल व पुत्र कृष्णचंद्र उसे ढूंढने को निकले और खोजते-खोजते इंगोहटा पुलिया के पास तक पहुंच गए। जहां जयराम बैठा मिला।
पत्नी ने बताया कि उसने पति से घर चलकर खाना खाने को कहा तो उसने गर्मी का बहाना बनाकर खाना खाने से मना कर दिया। उसने कहा कि वह लोग घर वापस जाए और वह खलिहान में ही जाकर सो जाएगा। इस पर दोनों घर वापस लौट आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देर रात तक इसको सड़क पर घूमते हुए देखा गया। लेकिन रात में ही यह लापता हो गया। सुबह इसका शव छानी मार्ग गांव किनारे बाबू साहू के कुंए में पड़ा पाया गया। भाई श्रीराम पाल ने बताया कि यह कुंआ सूखा हुआ है। लेकिन अत्यधिक गहराई के कारण चोटें लगने से शायद उसकी मौत हो गई है। बताया कि उसके मृतक भाई ने रिश्तेदारोें व गांव वालों से करीब एक लाख रुपये का कर्ज ले रखा था और वह इनके तगादो से परेशान था। शायद इसी वजह से परेशान होकर मानसिक तनाव के चलते उसने कुएं में कूदकर जान दे दी। इस घटना से मृतक की पत्नी सरोज, पुत्र कृष्णचंद्र व पुत्री राधा का रो-रोकर बुरा हाल है। भाई की सूचना पर पुलिस ने शव को कुएं से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उधर पुलिस का कहना है कि मृतक गर्मी के कारण कुएं की जगत पर सो रहा था। गहरी नींद में वह धोखे से कुंए में जा गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई।