थानाक्षेत्र के सायर गांव में दो दिन पहले हुई गोलीबारी की घटना में घायल वाहन चालक की इलाज दौरान अस्पताल में मौत हो गई। इस घटना में घायल दूसरे पक्ष का युवक जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। थानाक्षेत्र के सायर गांव का राजनीतिक संघर्ष मेें हिंसा का पुराना इतिहास रहा है। जिसकी वजह से
हमेशा यह गांव चुनावों में अति संवेदनशील की श्रेणी में आता रहा है और सुर्खियों में रहता है। गोलीकांड में हुए घायल अमित की कानपुर के हैलट अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार की रात मौत हो गई। वहीं, दूसरे पक्ष से घायल उमेश यादव को गंभीर हालत के चलते महोबा जिला अस्पताल से
झांसी के लिए रेफर कर दिया गया, लेकिन परिजन इलाज के लिए उसे कहीं और ले गए।16 फरवरी को सायर के बागेश्वर बाबा आश्रम में एक राजनीतिक पार्टी की मीटिंग हुई थी। जहां पर हुई कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद ही यह गोली चल गई। उधर, पुलिस ने घटना की तह तक पहुंचने के लिए लोगों की धरपकड़ शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष प्रदीप यादव ने कहा कि अमित की मौत हो चुकी है। कहा कि अभी लिखित सूचना उनके पास नहीं आई है। वहीं, घटना के बाद से लोगों में दहशत व्याप्त है।