लोहिया गांव मौहर में पावर कारपोरेशन ने अभियान चलाकर डेढ़ सौ से अधिक बिजली के कनेक्शन दिए। लेकिन पावर कारपोरेशन ने वादे के मुताबिक बड़ी क्षमता का ट्रांसफार्मर नहीं रखवाया। मौजूदा समय में ग्रामीण लो वोल्टेज से परेशान हैं। घरों में लगेबल्ब टिमटिमाते हैं। जबकि पंखा और कूलर शोपीस बने हैं। गांव के लोगों ने पब्लिक कॉल पर फोन कर समस्या बताई तो अमर उजाला टीम ने गांव पहुंचकर हकीकत जानी।
प्रदेश सरकार ने मौहर गांव को लोहिया गंाव घोषित कर दिया है। इन गांवों में सरकार विकास कार्यों को प्राथमिकता से कराने का दावा कर रही है। इसमें मूलभूत सुविधाएं बिजली, पानी व सड़क दी जानी है। इस गांव में पावर कारपोरेशन ने छापामारी अभियान चलाया। कई लोगों के खिलाफ कटिया चोरी के तहत कार्रवाई की और शिविर लगाकर 150 लोगों को विद्युत कनेक्शन दे दिए।
कनेक्शन अधिक हो जाने पर गांव में रखे ट्रांसफार्मर की क्षमता कम होने से पूरा गांव लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहा है। अवर अभियंता एसपी मिश्रा ने कहा कि अभी 63 केवीए ट्रांसफार्मर से सप्लाई दी
जा रही है। लो वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए 25-25 केवीए के तीन
ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया जारी है। जिसके लगने के बाद लो-वोल्टेज की
समस्या खत्म हो जाएगी।
कई बार कहा पर भी नहीं बदला ट्रांसफार्मर
पूर्व प्रधान भागवत प्रसाद निषाद ने बताया कि लो वोल्टेज की समस्या से क्षेत्र के अवर अभियंता को लगातार अवगत कराया जा रहा है। लेकिन उनकी इस समस्या को कोई सुनने को तैयार नहीं है। अमर उजाला में पब्लिक कॉल के तहत उन्होंने अपनी समस्या बताई है और उन्हें उम्मीद है कि अब उनकी समस्या दूर हो जाएगी।
अंतिम छोर में टिमटिमाते बल्ब
ग्रामीण देशराज यादव का कहना है कि ट्रांसफार्मर गांव के किनारे रखा है। जबकि गांव के अंदर तक बिजली की लाइन गई है। अंतिम छोर में रहने वाले व्यक्तियों को सबसे बड़ी समस्या से दो-चार होना पड़ता है। यहां घरों में बिजली के बल्ब जुगनू की तरह टिमटिमाते हैं। पंखा कूलर भी लो वोल्टेज के कारण नहीं चल पा रहे हैं। जिससे गर्मी के सीजन में लोगों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।