पोस्टमार्टम हाउस में गुमसुम बैठे परिजन।
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कस्बे के मराठीपुरा मोहल्ला निवासी युवा अधिवक्ता ने ससुरालवालों से त्रस्त होकर शनिवार रात ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। हालांकि इस मामले में परिवारवाले कुछ स्पष्ट कहने को तैयार नहीं है। इस घटना से परिजनों में मातम छाया है। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही सैकड़ों लोग घटना
स्थल पहुंच गए। मुस्करा थानाक्षेत्र के अलरा गांव के मूल निवासी राजेंद्र तिवारी लंबे समय से कस्बे के मराठीपुरा मोहल्ले में रहकर वकालत कर रहे हैं। उनका बेटा पीयूष तिवारी (37) भी वकालत करने लगा था। पिता के अनुसार बेटे की शादी पांच साल पहले हुई थी। लेकिन, एक बार के अलावा दोबारा
उसकी पत्नी ससुराल नहीं आई। इसके लिए तमाम प्रयास किए लेकिन वह विफल रहे। इस वजह से बेटा परेशान रहता था। उन्होंने बताया कि शनिवार दोपहर बाद बेटा घर से खाना खाकर निकला और रविवार को सुबह नौ बजे उन्हें अचानक यह सूचना मिली कि उसके पुत्र ने कानपुर बांदा रेल लाइन के गेट
नंबर 22 और 23 के बीच ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। यह सुन मोहल्ले व कस्बे के लोग घटना स्थल दौड़ पड़े। उपजिलाधिकारी मोहम्मद रिजवान, क्षेत्राधिकारी आरएन सिंह भी वहां पहुुंचे। घटना स्थल के निकट पुलिस को उसका पर्स, मोबाइल भी मिला। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए
भेज दिया। वहीं कोतवाली में भी अधिवक्ताओं व अन्य लोगों का भारी जमावड़ा हो गया। इस बीच कई लोगों व परिजनों ने संशय जाहिर किया कि पीयूष कस्बे से तीन किमी दूर अकेले कैसे गया होगा। उनका कहना है कि घटना किसी की साजिश भी हो सकती है, लेकिन पुलिस का मानना है कि यह आत्महत्या है। पोस्टमार्टम के बाद सही स्थिति सामने आएगी।