कोतवाली कस्बे में पड़ोसी ने साथियों के साथ मिलकर दलित किशोरी के अपहरण का प्रयास किया। तमंचा दिखाकर किशोरी को बंधक बनाने पर वह बचाव के लिए चिल्लाई तो पड़ोसी दौड़े। पड़ोसियों के ललकारने पर आरोपी भाग निकले। बीते दो दिन पूर्व हुई इस घटना में पीड़ित पिता की तहरीर पर तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
कस्बे की एक बस्ती में रहने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह 29 जून को अपनी बीमार पत्नी का इलाज कराने कानपुर गया था। घर में उसकी नाबालिग छोटी बेटी अपने छोटे भाइयों के साथ अकेले थी। तभी उसका पड़ोसी रामचंद्र साथी मनीराम व कृष्णा के साथ मकान में कूद गया।
पीड़ित ने बताया कि रामचंद्र ने बेटी के सीने में तमंचा लगा दिया, जबकि उसके साथी कुल्हाड़ी लिए थे। बेटी का मुंह दबाने के साथ उसके पैर बांधकर अपहरण का प्रयास किया। तभी लड़की ने शोर मचा दिया तो पड़ोसी दौड़े। पड़ोसियों के ललकारने पर आरोपी मौके से भाग निकले। बताया कि भागते समय रामचंद्र अपनी आईडी छोड़ गया।
उसने बताया कि बीते गुरुवार को वह पत्नी को लेकर वापस लौटा तो घटना की जानकारी हुई। उससे पुलिस को आरोपी की आईडी भी दिखाई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी घनश्याम पांडेय ने बताया कि इस मामले के संज्ञान में आते ही कार्रवाई शुरूकर दी है। आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।