पौथिया गांव में पहले से खुदा पानी से लबालब तालाब।
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डार्क जोन घोषित सुमेरपुर विकासखंड में भूगर्भ जलस्तर ऊपर उठाने के कार्यों में पलीता लगाया जा रहा है। लघु सिंचाई विभाग इस ब्लाक के 22 तालाबों की खुदाई 6.44 करोड़ रुपये से करा रहा है। लेकिन तालाबों की खुदाई में अनियतिता की शिकायतों पर सोमवार को शासन की तीन सदस्यीय टीएसी ने
कई तालाबों की जांच की है। टीम के अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाने की बात कही है। जिले के सुमेरपुर विकासखंड को डार्कजोन क्षेत्र घोषित किया गया है। जिससे यहां निजी नलकूपों की बोरिंग पर रोक लगा दी गई। इससे किसानों को खासी समस्याओं का समाना करना पड़ रहा है। वहीं
शासन स्तर से क्षेत्र में तालाब और चेकडैम बनवाए जा रहे हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना व राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के तहत क्षेत्र में 22 तालाबों की खुदाई के लिए 6.44 करोड़ रुपये का बजट दिया था। काम की जिम्मेदारी लघु सिंचाई विभाग के पास है। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने
बिना इस्टीमेट तैयार किए तालाबों में काम शुरू करा दिया। इस पर मुख्य विकास अधिकारी अवधेश बहादुर सिंह ने मामले की जांच की। जिसमें उन्होंने पूर्व में खोदे गए तालाबों की ही खुदाई किया जाना पाया। इस मामसे की रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी। जिस पर तत्कालीन जिलाधिकारी उदयवीर सिंह ने
काम में रोक लगा दी। मामले की शिकायत शासन से की। जिस पर शासन ने तीन सदस्यीय जांच दल जिले में भेजा है। सोमवार को टीम में शासन की तरफ से आए प्राविधिक परीक्षक केके मिश्रा, एसपी गुप्ता के साथ लघु सिंचाई विभाग के एई नरेंद्र चौधरी ने आधा दर्जन से अधिक तालाबों का निरीक्षण
किया। केके मिश्रा ने बताया कि उन्हाेंने आज पचखुरा गांव के पिपराहा तालाब व बड़ी दाई तालाब, टेढा गांव के सत्तीदाई व नरही बाबा तालाब के साथ पौथिया गांव के प्रमोद तालाब की खुदाई का जायजा लिया और फोटो भी खींचे। उन्हाेंने कहा कि अभी वह तालाबों को देख रहे हैं। यह काम मंगलवार को भी जारी रहेगा। वहीं, उन्होंने रिपोर्ट के संबंध में कुछ भी कहने से इनकार करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजे जाने की बात कही।