स्कूली वाहनों की रफ्तार पर नकेल कसने के लिए डेढ़
माह पूर्व अमर उजाला ने वाहनों पर स्पीड गवर्नर लगाने की जरूरत बताकर खबर
प्रकाशित की थी। देर से ही सही मगर एआरटीओ ने इस कार्य को प्रमुखता से लेकर
गुरुवार से स्कूली वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने का कार्य शुरू करा
दिया।
गौरतलब हो कि स्कूली वाहनों की सीमित गति बनाए रखने के लिए
सुप्रीमकोर्ट ने सभी स्कूल प्रबंधकों व संचालकों को दिशा निर्देश जारी किए।
इसी सत्र से स्कूली वाहनों में वाहनों की गति को कंट्रोल में रखने के लिए
स्पीड गवर्नर लगाए जाने को कहा गया। मगर इसका अनुपालन नहीं हो पा रहा था।
18 जून के अंक में अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया।
तब परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जुलाई में स्कूल खुलते ही वाहनों में
स्पीड गवर्नर लगाए जाने को कहा पर ऐसा नहीं हो सका।
इधर उप संभागीय परिवहन
अधिकारी मोहम्मद अजीम ने इस कार्य को तेजी से कराए जाने की सभी प्रक्रियाएं
गुरुवार से तेज की हैं।
एआरटीओ ने बताया कि महर्षि विद्यामंदिर कुछेछा,
शिशुमंदिर व अन्य स्कूलों में जाकर वाहनों में स्पीड गर्वनर लगाने का कार्य
शुरू किया गया। बताया कि स्पीड गवर्नर के लगने से वाहनों की गति सीमित हो
जाती है।
जिससे दुर्घटनाओं के होने का खतरा भी कम हो जाएगा। बताया कि इसके
अलावा कामर्शियल व भारी वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाए जाने के लिए नियम
बनाए जा रहे हैं।
बताया कि डेटा इंडिया आटोमोबाइल कंपनी के डायरेक्टर
द्वारा स्पीड गवर्नर को लगाने का कार्य किया जा रहा है।