राठ ब्लाक मुख्यालय से महोबा मार्ग पर 10 किमी दूर बसा सदर आज बुनियादी
सुविधाओं से जूझ रहा है। इस गांव में सबसे अधिक समस्या पीने के पानी की है।
वैसे तो गांव में 3 हैंडपंप लगे हैं। लेकिन सिर्फ एक हैंडपंप के भरोसे
पूरा गांव है।
सदर गांव में हैंडपंप पर पानी भरने के लिए सुबह से
ग्रामीणों की लाइन लग जाती है। ग्रामीणों को पानी भरने के लिए घंटों खडे़
रहना पड़ता है। ग्राम पंचायत कैंथा से जुडे़ इस गांव के बाशिंदे बताते हैं
कि पांच साल हो गए।
आज तक गांव में प्रधान ने कोई विकास कार्य नहीं कराया।
महीने से गांव में सफाई कर्मी नहीं है। जिससे गांव की गलियों में कूडे़ का
अंबार लगा है। पानी पीने के लिए जानवर यहां वहां भटकते है। गांव में जो
छोटे छोटे तालाब है वह भी सूखे हैं।
करीब 2 हजार की आबादी वाले इस सदर गांव
में विकास की रफ्तार पूरी तरह से ठप है। गांव में एक हैंडपंप कई सालों से
खराब पडा हुआ है। दूसरा हैंडपंप से मटमैला पानी निकल रहा है।
गांव का
प्रधान कल्लू और अधिकारी कभी कभार ही गांव में आते हैं। मुख्य सड़क से गांव
तक जोड़ने वाली सड़क भी पूरी तरह से उखड़ गई है। गांव में ज्यादातर
बिरादरी रैकवार और दलित हैं।