यमुना पुल की मरम्मत होने के तेरहवें दिन हाइवे से भारीवाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। हालांकि निर्माण इकाई पीएनसी के अधिकारियों ने इस पुल से ओवरलोड ट्रकों के निकलने पर रोक लगा रखी है। अब इसे रोकने का कार्य स्थानीय प्रशासन का है।
बीते 19 जून को यमुना पुल के तीन नंबर कोठी की स्लैब धंस गई थी। जिसकी मरम्मत कार्य में दो बीमों के क्रेक होने का खुलासा हुआ। निर्माण इकाई ने आधुनिक तरीके से केमिकल के जरिए क्रेक बीमों की मरम्मत कार्य भी एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया।
बीम व छत के हिस्से के सूखने के बाद बुधवार दोपहर से निर्माण इकाई ने सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया। इस बीच मरम्मत कार्य के दौरान पुल के ऊपर किनारों में मौरंग की साफ-सफाई कर गड्ढाें का डामरीकरण किया गया।
साथ ही पुल के दोनों छोरों पर ब्रेकर भी बनाए गए हैं। पीएनसी के अवर अभिंयता मनीष ने बताया कि ओवरलोड वाहनों की आवाजाही को लेकर पुल से निकलने पर पहले से ही रोक लगी है। बताया कि इस पुल के ऊपर से 25 से 30 टन भार क्षमता वाले वाहन ही निकाले जाए तो बेहतर होगा।
मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। पुल की देखरेख के लिए तीन माह तक निर्माण इकाई की एक टीम यहीं रहेगी, जो पुल का रखरखाव का कार्य करेगी।