स्वास्थ्य कर्मी वृद्धा की हत्या के मामले में मंगलवार देर रात कानपुर से आए डॉग स्क्वायड से सर्च किया। वहीं, एक्सपर्ट टीम ने मौके से फिंगर प्रिंट लिए। लेकिन, पुलिस के हाथ अब तक कोई अहम सुराग नहीं लगा है। हालांकि मामले में पुलिस चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
बुधवार को शव का पोस्टमार्टम होेने के बाद परिजनों ने वृद्धा का अंतिम संस्कार कर दिया।मुख्यालय के लक्ष्मीबाई तिराहा निवासी स्वास्थ्य कर्मी शांतिदेवी यहां अकेले ही रहती थी। मृतका के छोटे पुत्र श्यामसुंदर ने बताया कि वह भाई ओमप्रकाश के साथ हैदराबाद में रहकर प्राइवेट जॉब करते है।
बड़ा भाई ओमप्रकाश नोएडा में प्राइवेट कंपनी में कार्यरत है। तीनों बेटे शादीशुदा हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नियों के जेवर मां के पास ही रहते थे। सभी के जेवर करीब 15 लाख रुपये कीमत के होंगे। मकान में आगे व पीछे दो दरवाजे हैं। पीछे का दरवाजा ही अक्सर मां खोले रखती थी। माना जा रहा है कि
घटना को अंजाम देने वाले लोग पीछे के दरवाजे से घर में घुसे और चोरी करने लगे वृद्धा ने उन्हें पहचान लिय होगा इससे उसकी हत्या कर दी। उधर, बुधवार को शव का पोस्टमार्टम होेने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं, मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने देर रात तक डॉग
स्क्वायड की टीम से सर्च कराया मगर कोई सफलता हाथ नहीं लगी। साथ पुलिस ने एक्सपर्ट के जरिए मौके से फिंगरप्रिंट भी लिए है। कोतवाल पीके सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। चार संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है।स्वास्थ्य कर्मी वृद्धा की हत्या के मामले में मंगलवार देर रात
कानपुर से आए डॉग स्क्वायड से सर्च किया। वहीं, एक्सपर्ट टीम ने मौके से फिंगर प्रिंट लिए। लेकिन, पुलिस के हाथ अब तक कोई अहम सुराग नहीं लगा है। हालांकि मामले में पुलिस चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम होेने के बाद परिजनों ने वृद्धा का
अंतिम संस्कार कर दिया। मुख्यालय के लक्ष्मीबाई तिराहा निवासी स्वास्थ्य कर्मी शांतिदेवी यहां अकेले ही रहती थी। मृतका के छोटे पुत्र श्यामसुंदर ने बताया कि वह भाई ओमप्रकाश के साथ हैदराबाद में रहकर प्राइवेट जॉब करते है। बड़ा भाई ओमप्रकाश नोएडा में प्राइवेट कंपनी में कार्यरत है। तीनों बेटे
शादीशुदा हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नियों के जेवर मां के पास ही रहते थे। सभी के जेवर करीब 15 लाख रुपये कीमत के होंगे। मकान में आगे व पीछे दो दरवाजे हैं। पीछे का दरवाजा ही अक्सर मां खोले रखती थी। माना जा रहा है कि घटना को अंजाम देने वाले लोग पीछे के दरवाजे से घर में घुसे और चोरी
करने लगे वृद्धा ने उन्हें पहचान लिय होगा इससे उसकी हत्या कर दी। उधर, बुधवार को शव का पोस्टमार्टम होेने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं, मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने देर रात तक डॉग स्क्वायड की टीम से सर्च कराया मगर कोई सफलता हाथ नहीं लगी। साथ
पुलिस ने एक्सपर्ट के जरिए मौके से फिंगरप्रिंट भी लिए है। कोतवाल पीके सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। चार संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है।स्वास्थ्य कर्मी वृद्धा की हत्या के मामले में मंगलवार देर रात कानपुर से आए डॉग स्क्वायड से सर्च किया। वहीं, एक्सपर्ट टीम ने
मौके से फिंगर प्रिंट लिए। लेकिन, पुलिस के हाथ अब तक कोई अहम सुराग नहीं लगा है। हालांकि मामले में पुलिस चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम होेने के बाद परिजनों ने वृद्धा का अंतिम संस्कार कर दिया। मुख्यालय के लक्ष्मीबाई तिराहा निवासी
स्वास्थ्य कर्मी शांतिदेवी यहां अकेले ही रहती थी। मृतका के छोटे पुत्र श्यामसुंदर ने बताया कि वह भाई ओमप्रकाश के साथ हैदराबाद में रहकर प्राइवेट
जॉब करते है। बड़ा भाई ओमप्रकाश नोएडा में प्राइवेट कंपनी में कार्यरत है। तीनों बेटे शादीशुदा हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नियों के जेवर मां के पास ही रहते थे। सभी के जेवर करीब 15 लाख रुपये कीमत के होंगे। मकान में आगे व पीछे दो दरवाजे हैं। पीछे का दरवाजा ही अक्सर मां खोले रखती थी। माना
जा रहा है कि घटना को अंजाम देने वाले लोग पीछे के दरवाजे से घर में घुसे और चोरी करने लगे वृद्धा ने उन्हें पहचान लिय होगा इससे उसकी हत्या कर दी। उधर, बुधवार को शव का पोस्टमार्टम होेने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं, मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने देर रात
तक डॉग स्क्वायड की टीम से सर्च कराया मगर कोई सफलता हाथ नहीं लगी। साथ पुलिस ने एक्सपर्ट के जरिए मौके से फिंगरप्रिंट भी लिए है। कोतवाल पीके सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। चार संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है।
सीसीटीवी से भी नहीं मिला कोई सुराग
मकान से करीब 60 मीटर की दूरी पर हाईवे पर लक्ष्मीबाई तिराहे पर पुलिस विभाग के सीसीटीवी कैमरे लगे है। जिससे चौराहे के चारों ओर की गतिविधियां कैद होती है। लेकिन, मृतका के मकान के पास पेड़ व हाईवे से अंदर की ओर मकान होने पर सीसीटीवी में कोई फुटेज नहीं है। कोतवाल ने बताया कि सीसीटीवी के फुटेजों को खंगाला जा रहा है।