धमना रोड पर एक नाले में दो माह पहले मिली अनुसूचित जाति के युवक की सिर कटी लाश का एसपी ने खुलासा किया है। जिस नाले में शव बरामद हुआ, उसी स्थान से आरोपियों की निशानदेही पर सिर का कंकाल बरामद हुआ है। पुलिस ने हत्याकांड के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी ने कोतवाली पुलिस टीम को शाबाशी देते हुए 10 हजार रुपये इनाम व प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।
सिकंदरपुरा निवासी मेवालाल अहिरवार का 25 वर्षीय पुत्र विक्रम सिंह 22 अक्तूबर की शाम गायब हो गया था। उसके पिता ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। एसपी हेमराज मीणा ने बताया 28 अक्तूबर की शाम धमना रोड पर चौपरा मंदिर से कुछ दूर नाले में एक युवक का शव सिर कटा मिला था। जिसकी पहचान विक्रम सिंह के रूप में उसके पिता ने की थी।
उन्होंने बताया उसी दिन से पुलिस सिर की खोज में जुट गई। विक्रम को पड़ोसी केशव यादव उसे शराब पिलाने के बहाने चरखारी रोड़ पर ले गया था। वहां पर पप्पू यादव पुत्र धूपचंद्र निवासी बड़ीहाट महोबा मिला। यहां कुछ देर बाद रतीश यादव आ गया जो धूपचंद्र का ट्रैक्टर चालक है। वह डंप से बालू लादने के बहाने विक्रम को ट्रैक्टर पर बिठाकर धमना रोड पर ले गए।
एसपी ने बताया आरोपियों ने विक्रम को ट्राली में शराब पिलाई। नशे में होने पर ट्रैक्टर से उतारकर सिर पर डंडे से वार कर चाकू से गर्दन काट अलग कर दी। आरोपियों ने नाले में सिर को पत्थर से दबा दिया। पुलिस ने रतीस यादव निवासी चरखारी रोड, पप्पू यादव और केशव यादव से जब पूछताछ की तो सारा रहस्य उजागर हुआ। एसपी ने बताया रघुवीर यादव घटना का मुख्य सूत्रधार है। पुलिस ने कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
एसपी ने बताया विक्रम हत्याकांड में आरोपी रतीश यादव, रघुवीर यादव, केशव यादव की नजर विक्रम के घर के पीछे पड़े प्लाट पर थी। विक्रम अहिरवार इकलौता था। प्लाट हथियाने के लिए विक्रम की हत्या की। एसपी ने सीओ अभिषेक यादव, कोतवाल मनोज कुमार, एसएसआई रोशन लाल सरोज, भारत यादव, अमरपति तिवारी, देवेंद्र सिंह, गौरव चौबे, ब्रजेंद्र सिंह, ओमकरन, रामसिया, राजकुमार शुक्ला, उमाशंकर शुक्ला, राजेंद्र सिंह, विजय सिंह, गिरेंद्र सिंह को शाबासी दी है।